ओडिशा में चक्रवात का खतरा: राष्ट्रपति का दौरा स्थगित; सरकार ने 16 जिलों में बढ़ाई चौकसी, 28 अक्टूबर को लैंडफॉल की आशंका
बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात के खतरे के कारण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ओडिशा दौरा एक सप्ताह के लिए ...और पढ़ें

राष्ट्रपति का दो दिवसीय दौरा पहले 28 और 29 अक्टूबर को उनके गृह जिले मयूरभंज के रायरंगपुर में प्रस्तावित था
HighLights
राष्ट्रपति मुर्मु का ओडिशा दौरा चक्रवात के कारण स्थगित।
दौरा अब 28-29 अक्टूबर की जगह 4-5 नवंबर को।
ओडिशा सरकार ने 16 जिलों में बढ़ाई चौकसी, तैयारी तेज।
जासं, भुवनेश्वर । बंगाल की खाड़ी में मंडरा रहे संभावित चक्रवात और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आगामी ओडिशा दौरा एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है।
राष्ट्रपति का यह दो दिवसीय दौरा पहले 28 और 29 अक्टूबर को उनके गृह जिले मयूरभंज के रायरंगपुर में प्रस्तावित था, जिसे अब संशोधित कर 4 और 5 नवंबर कर दिया गया है। मयूरभंज के जिलाधिकारी ने इस बदलाव की पुष्टि की है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति के दौरे को आधिकारिक तौर पर रद्द नहीं किया गया है, बल्कि खराब मौसम की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा और अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए केवल तारीखों में बदलाव किया गया है।
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान के उठने की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
अपने इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपने गृह क्षेत्र रायरंगपुर के अलावा बहरलदा स्थित प्रसिद्ध मां किचकेश्वरी मंदिर और गोरुमहिषाणी जाने का कार्यक्रम था।
इसके अलावा, उनका कई अन्य स्थानीय कार्यक्रमों में भी शामिल होने का प्रस्ताव था। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिले में प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर थीं, जिन्हें अब नए कार्यक्रम के अनुसार फिर से व्यवस्थित किया जा रहा है।
संभावित चक्रवात को लेकर ओडिशा सरकार अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे संभावित चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने अपनी कमर कस ली है और प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं।
राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने स्पष्ट किया है कि सरकार किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि पूरी तरह सतर्क रहें।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) इस मौसमी गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान द्वीप समूह के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अधिक शक्तिशाली होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, यह चक्रवात 28 अक्टूबर के आसपास तट से टकरा सकता है, हालांकि इसके सटीक लैंडफॉल स्थल का अभी पूर्ण आकलन नहीं हुआ है।
मंत्री के अनुसार, इसके ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम के बीच तट पर टकराने की आशंका जताई जा रही है।
16 जिलों में तैयारियों की होगी उच्चस्तरीय समीक्षा
चक्रवात के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठा लिए हैं। मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बैठकों का दौर जारी है और अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारियों और संवेदनशील 16 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर जिला-स्तरीय तैयारियों की गहन समीक्षा की जाएगी।
सरकार चक्रवात की गति, दिशा और संभावित प्रभाव पर पैनी नजर रख रही है। चक्रवात के दौरान हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और कई इलाकों में भारी बारिश की भी आशंका है।
दक्षिणी ओडिशा में भूस्खलन और अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन और मानवबल तैनात किए जा रहे हैं। ओडिशा को पहले भी चक्रवातों का सामना करने का लंबा अनुभव रहा है, इसलिए स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
