माहांगा डबल मर्डर: ओडिशा के पूर्व मंत्री प्रताप जेना को सुप्रीम कोर्ट से मिली क्लीन चिट, बराल की अपील खारिज
पूर्व मंत्री प्रताप जेना को माहांगा डबल मर्डर मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने ...और पढ़ें

माहांगा डबल मर्डर मामले में पूर्व मंत्री प्रताप जेना को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत।
HighLights
पूर्व मंत्री प्रताप जेना को सुप्रीम कोर्ट से राहत।
माहांगा डबल मर्डर मामले से हुए पूरी तरह मुक्त।
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का आदेश रखा कायम।
संवाद सहयोगी,जागरण, कटक। माहांगा डबल मर्डर घटना में पूर्व मंत्री प्रताप जेना को सुप्रीम कोर्ट से गुरुवार को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई करते हुए आवेदनकारी रंजीत बराल की अपील को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट की आदेश को कायम रखा है।
सुप्रीम कोर्ट की इस आदेश बाद जेना माहांगा डबल मर्डर घटना से पूरी तरह से मुक्त हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ एवं जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को लेकर गठित खंडपीठ ने यह राय दिया है।
विदित है कि, माहांगा डबल मर्डर घटना में तत्कालीन विधायक प्रताप जेना के खिलाफ सालेपुर जेएमएफसी की अदालत कॉग्निजेंट लेते हुए 31 अक्टूबर वर्ष 2023 को उन्हें अदालत में हाजिर होने के लिए समान जारी किया था।
कॉग्निजेंस एवं अदालत में उनके खिलाफ होने वाली संपूर्ण क्रिमिनल प्रोसिडिंग को रद करने के लिए गुहार लगाते हुए तत्कालीन विधायक जेना ने हाई कोर्ट में गुहार लगाया था। अक्टूबर वर्ष 2024 को हाई कोर्ट मामले की राय प्रकाशित करते हुए जेना के खिलाफ स्वीकार किए जाने वाली कॉग्निजेंस एवं प्रोसिडिंग दोनों को रद कर दिया था।
हाईको र्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए रंजीत बराल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी । गौरतलब है कि 2 जनवरी वर्ष 2021 को माहांगा के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष तथा भाजपा नेता कुलमणि बराल और उनके सहयोगी दिव्या सिंह बराल को बहुत ही बेरहमी से हत्या की गई थी।
हत्याकांड को लेकर पूरे राज्य भर में आक्रोश था। मृतक कुलमणि बराल के पुत्र स्वर्गीय रमाकांत बराल हत्याकांड घटना में 13 लोगों का नाम दर्ज करते हुए माहांगा थाना में लिखित शिकायत किया था। पुलिस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करते हुए माहांगा पंचायत समिति के पूर्व अध्यक्ष भिखारी स्वाईं के साथ-साथ कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट चालान किया था।
इस सनसनीखेज हत्या मामले में बीजद नेता तथा पूर्व मंत्री प्रताप जेना का नाम भी 13 नंबर आरोपी के तौर पर जोड़ा गया था। बाद में इस मामले में निचली अदालत द्वारा जेना के नाम से कॉग्निजेंस ली गई थी।
