भुवनेश्वर, जेएनएन : हीराकुद जलभंडार में क्षमता से अधिक पानी एकत्र हो जाने के कारण बांध के 25 गेट खोलने का निर्णय लिया गया है। इसे देखते हुए महानदी में भीषण बाढ़ आने की संभावना बन गई है। मंगलवार को राज्य के विशेष राहत आयुक्त ने महानदी से सटे जिलों के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के लिए चेतावनी जारी की है।

महानदी के ऊपरी हिस्से में भारी बारिश का दौरा जारी है, जिसका प्रभाव हीराकुद जलभंडार पर पड़ रहा है। हीराकुद के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में हीराकुद जलभंडार के अधिकारियों ने मंगलवार शाम तक बांध के 25 गेट खोलने का निर्णय लिया है। इससे महानदी के निचले इलाके वाले जिलों में बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। विशेष राहत आयुक्त विष्णुपद सेठी ने सभी जिलों के जिलाधीश को बाढ़ से निपटने के लिए सतर्क रहने को निर्देश दिया है।

यहां उल्लेखनीय है कि हीराकुद बांध संचालन के लिए बने नियम के मुताबिक जितना जल जलभंडार में होना चाहिए, उससे अधिक जल उसमें प्रवेश कर रहा है। ऐसे में हीराकुद जलभंडार के 25 गेट खोलकर आठ लाख क्यूसिक जल निष्कासित करने का निर्णय जलभंडार के अधिकारियों ने लिया है, जो कि गुरुवार सुबह तक कटक के मुंडली में पहुंच जाएगा। इससे महानदी के निचले इलाके में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि पश्चिम ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले दो दिन से भारी वर्षा हो रही है। मौसम विभाग ने इस संबंध में पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी। बारिश का यही पानी हीराकुद जलभंडार में एकत्र हो रहा है जिससे बांध पर दबाव बढ़ने लगा है।