भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। पद्मश्री प्रोफेसर राधा मोहन का निधन हो गया है। 78 साल की उम्र में भुवनेश्वर स्थित एक निजी अस्पताल में उनका निधन हुआ है। 2020 में राधा मोहन एवं उनकी बेटी को पद्मश्री पुरस्कार मिला था। राधा मोहन नयागड़ में खाली पड़ी जमीन में जैविक खेती कर परिवर्तन लाए थे। पहले ओडिशा सूचना ए​वं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त थे राधा मोहन। राधा मोहन पुरी एससीएस कालेज के अध्यक्ष पद से रिटायर होने के बाद सूचना आयुक्त बने थे।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गहरा शोक प्रकट किया

राधा मोहन के निधन के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गहरा शोक प्रकट किया है। वहीं आन्ध्र प्रदेश के राज्यपाल विश्व भूषण हरिचन्दन ने भी शोक प्रकट करते हुए कहा है कि राधा मोहन के निधन से ओडिशा के जैविक खेती को अपूरणीय क्षति हुई है। वह एक विशिष्ट गांधीवादी, समाजसेवी, स्तम्भकार थे। वह राज्य के सुचना आयुक्त का दायित्व निभाने के साथ भारत के पद्मश्री उपाधि से भूषित हुए थे। वह एक अच्छे मनुष्य ए​वं पर्यावरणविद के तौर पर पूरे राज्य में लोकप्रिय थे।

जैविक खेती के क्षेत्र में राधा मोहन के अतुलनीय अवदान को सदैव याद रखा जाएगा। महाप्रभु जगन्नाथ जी स्व. आत्मा की सदगति के लिए कामना करने के साथ ही उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप