भुवनेश्वर, जेएनएन। राज्य में निजी व्यवसायिक प्रतिष्ठान समेत सरकारी दफ्तरों व अन्य संस्थानों को ओड़िया भाषा में नामफलक (बोर्ड) लगाने के लिए और 15 दिन की मोहलत दी गई है। यह जानकारी राज्य सचिवालय में बुधवार को विकास आयुक्त आर बालकृष्णन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में दी गई।

बैठक में श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा विभाग की प्रमुख सचिव अनु गर्ग, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव अशोक मीना, गृह एवं विकास विभाग के सचिव डी माथिभाथानन एवं श्रम कमिश्नर अंजन माणिक प्रमुख उपस्थित थे। बैठक में विकास आयुक्त ने बताया कि राज्य में मौजूद सभी दुकान व व्यापारिक प्रतिष्ठान में ओड़िया भाषा में नाम फलक लिखने को निर्देश दिया गया है। श्रम विभाग की ओर से इसकी जांच की जा रही है। पौरांचल इलाकों में मौजूद दुकान एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करने के लिए गृह एवं नगर विकास को कहा गया है।

विकास आयुक्त ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार पहले चरण में निजी अस्पताल, विद्यालय एवं होटल आदि 100 प्रतिष्ठान में ओड़िया भाषा में नाम फलक न होने पर सामान्य लोगों को शिकायत करने के लिए एक पोर्टल की व्यवस्था की गई है। लोग इसके माध्यम से इस संबंध में जानकारी दे सकते हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले विगत तीन अप्रैल को राज्य सचिवालय में विकास आयुक्त आर बालकृष्णन की अध्यक्षता में बैठक हुई थी।

बैठक में सभी सरकारी एवं निजी संस्थानों में ओड़िया भाषा में नाम फलक लगाने का निर्णय लेते लिया गया था। सभी सरकारी कार्यालय, निगम एवं शिक्षानुष्ठान में ओड़िया में नाम फलक लगाने के लिए दो महीने का समय दिया गया था। इस बीच चार महीने का समय निकल गया मगर कई संस्थान आज तक इस निर्देश का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। राजधानी भुवनेश्वर में ही कई सरकारी दफ्तरों में ओड़िया में नाम फलक नहीं लगा है, जिससे ऐसी संस्थाओं को ओड़िया में नाम फलक लगाने के लिए और 15 दिन की मोहलत दी गई है।