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Odisha Weather Update: ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, समुद्र में जाने से मछुआरों को रोका गया

Published: Fri, 11 Sep 2026 10:47 AM (GMT+05:30)

उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने से ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है, ...और पढ़ें

ओडिशा का मौसम(एआई जेनरेटेड तस्वीर)

ओडिशा का मौसम(एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र से ओडिशा में भारी बारिश।

  2. कालाहांडी और कोरापुट जिलों के लिए भारी वर्षा की ऑरेंज वार्निंग।

  3. मछुआरों को ओडिशा तट और समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बन गया है। इसके प्रभाव से दक्षिण ओडिशा के कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। कालाहांडी और कोरापुट जिलों के एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना को देखते हुए शुक्रवार के लिए ऑरेंज वार्निंग जारी की गई।

इसी दौरान नुआपड़ा, बलांगीर, रायगड़ा, मलकानगिरि, गजपति और गंजाम जिलों के कुछ स्थानों पर भी भारी वर्षा हो सकती है। 12 सितंबर को भी कालाहांडी, नवरंगपुर, रायगड़ा और गजपति जिलों के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

अगले 48 घंटों के दौरान ओडिशा तट और उससे लगे क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने तथा बीच-बीच में इसकी गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

सभी बंदरगाहों पर खतरा संकेत जारी 

समुद्र में ऊंची लहरें और अशांत स्थिति बने रहने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को ओडिशा तट और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने ओडिशा के सभी बंदरगाहों पर तीन नंबर खतरा संकेत जारी किया है।

मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर सुरेंद्रनाथ पशुपालक के अनुसार वर्तमान निम्न दबाव क्षेत्र के और अधिक मजबूत होकर सुदृढ़ निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। 12 सितंबर को भी वर्षा का दौर जारी रह सकता है। मयूरभंज, केन्दुझर, बालेश्वर, भद्रक तथा आसपास के जिलों में अधिक वर्षा होने की आशंका है।

ओडिशा में एक और बारिश का दौर 

उन्होंने बताया कि 17 से 21 सितंबर के बीच बंगाल की खाड़ी में फिर एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बनने और उसके बाद एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। यदि यह प्रणाली बनती है तो ओडिशा में एक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 

हालांकि अभी इसके बनने का समय, स्थान, तीव्रता और संभावित मार्ग के बारे में निश्चित रूप से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। इसलिए फिलहाल इसे केवल एक प्रारंभिक संभावना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।