पीएम ई-बस योजना का विस्तार: ओडिशा के नौ और शहरों में दौड़ेगी ई-बस, 1.53 लाख परिवारों को मिला पीएम आवास
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव में ओडिशा को 2036 तक 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का ...और पढ़ें

वर्तमान में राज्य में शहरीकरण का स्तर 17 प्रतिशत है, जिसे 2036 तक बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
HighLights
ओडिशा 2036 तक 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य।
पीएम ई-बस सेवा का नौ नए शहरों में विस्तार होगा।
पीएम आवास शहरी योजना से 1.53 लाख परिवारों को लाभ।
जासं, भुवनेश्वर। वर्ष 2036 में ओडिशा एक अलग राज्य के रूप में अपने 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर तक राज्य को 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ एक समृद्ध और सशक्त ओडिशा के रूप में विकसित करना राज्य सरकार का संकल्प है।
वर्तमान में राज्य में शहरीकरण का स्तर 17 प्रतिशत है, जिसे 2036 तक बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे और अत्याधुनिक संस्थानों के निर्माण पर तेजी से काम जारी है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को भुवनेश्वर में आयोजित 'नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव-2026' के दौरान यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन और पूर्वोदय नीति से प्रेरित होकर ओडिशा देश के प्रमुख विकास इंजन के रूप में उभर रहा है।
2047 तक देश की शहरी आबादी के ग्रामीण आबादी से अधिक होने के अनुमान को देखते हुए शहरों को समावेशी, तकनीक-संपन्न और आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि राज्य में औद्योगीकरण, बंदरगाह विकास, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं पैदा हुई हैं। ओडिशा को अब तक 23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।
जिनमें से 3.5 लाख करोड़ रुपये की 200 से अधिक औद्योगिक परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा चुका है। नीति आयोग के मार्गदर्शन में 'भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र' (BKPPER) विकसित किया जा रहा है।
इसके साथ ही नए सैटेलाइट टाउनशिप, 28 नई अधिसूचित क्षेत्र परिषद (NAC), सात नगरपालिकाओं और एक नगर निगम का गठन भी किया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पीएम आवास योजना-शहरी के तहत राज्य में 1.53 लाख आवास बन चुके हैं। पीएमएवाई अर्बन बंधु के लिए अगले पांच वर्षों में 1,615 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसमें ईडब्ल्यूएस (EWS) लाभार्थियों को स्टांप व पंजीकरण शुल्क में 90% की छूट दी जा रही है।
शहरी बुनियादी ढांचे के लिए 6,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य के 11 शहरों में 24 घंटे नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
जबकि 1,600 करोड़ रुपये की 'स्वच्छ ओडिशा योजना' से स्वच्छता तंत्र मजबूत हो रहा है। सफ़ाई कर्मियों के हित में 'गरिमा' योजना के तहत सुरक्षा उपकरण, बीमा और सामाजिक सुरक्षा दी जा रही है।
सम्मेलन की मुख्य थीम द राइट टू वॉक (चलने का अधिकार) पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षित फुटपाथ और सार्वजनिक स्थलों की योजना को अहम बताया।
उन्होंने बताया कि कैपिटल रीजन अर्बन ट्रांसपोर्ट (CRUT) का नेटवर्क 770 बसों तक पहुंच गया है, जो 138 मार्गों पर रोज 3.5 लाख यात्रियों को सेवा दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने पीएम ई-बस सेवा के तहत 26 नई ई-बसों को हरी झंडी दिखाई। जल्द ही बेड़े में 400 ई-बसों सहित मिडी और मिनी बसें जोड़ी जाएंगी।
वर्तमान 7 शहरों के अलावा अब नौ नए शहरों- बारीपदा, अनुगुल, झारसुगुड़ा, बालेश्वर, जाजपुर, रायगड़ा, जयपुर, भद्रक और बलांगीर में भी ई-बस सेवा शुरू होगी।
ओडिशा यात्री ऐप से अब तक 9 लाख से अधिक डिजिटल टिकटिंग यात्राएं हो चुकी हैं, जिससे चालकों को बिना कमीशन 12 करोड़ रुपये की सीधी कमाई हुई है।
कार्यक्रम में सीएम ने अंकुर हैंडबुक, टाउन प्लानिंग हैंडबुक और राज्य की नई नगर विकास नीति का भी शुभारंभ किया।
