25 साल जेल में बिता चुके दारा सिंह को झटका, सजा में छूट की याचिका ओडिशा सरकार ने की खारिज
ओडिशा सरकार ने ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों की हत्या के दोषी दारा सिंह की समय पूर्व रिहाई की याचिका खारिज कर दी है।

ग्राहम स्टेंस हत्याकांड। (जागरण)
HighLights
ओडिशा सरकार ने दारा सिंह की रिहाई याचिका खारिज की।
सुप्रीम कोर्ट ने दारा सिंह को चुनौती देने का समय दिया।
ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड में दारा सिंह को उम्रकैद हुई थी।
एजेंसी, नई दिल्ली/भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि उसने आस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दारा सिंह उर्फ रविंद्र पाल की समय पूर्व रिहाई की याचिका खारिज कर दी है।
अदालत ने अब दारा सिंह को इस फैसले को चुनौती देने के लिए अपनी याचिका में संशोधन करने की अनुमति दी है। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ को राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने बताया कि दारा सिंह की याचिका को खारिज करने का निर्णय राज्य सजा समीक्षा बोर्ड (एसएसआरबी) की विशेष बैठक में लिया गया था और इस सबंध में आदेश 31 अगस्त को पारित किया गया था।
इस पर पीठ ने दारा सिंह की ओर से पेश वकील से कहा कि आप इसे चुनौती देने के लिए जो भी आधार चाहें, ले सकते हैं। अपनी याचिका में संशोधन करें और फिर बहस करें।
मामले की सुनवाई अब तीन सप्ताह बाद होगी। बता दें कि पिछली सुनवाई में पीठ ने चेतावनी दी थी कि यदि अगली तारीख तक राज्य सरकार ने इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया, तो उसके पास राज्य के सचिव को तलब कर देरी के संबंध में स्पष्टीकरण मांगने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
63 वर्षीय दारा सिंह ने साल 2024 में शीर्ष कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सजा में छूट और समयपूर्व रिहाई की मांग की थी। उसने कहा था कि वह 25 साल से अधिक समय जेल में बिता चुका है।
कैदियों के मामले पर विचार
राज्य की मौजूदा सजा में छूट नीति के तहत उन कैदियों के मामलों पर विचार किया जा सकता है, जिनकी मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदला गया हो और जिन्होंने 25 साल की कैद पूरी कर ली हो।
याचिका में उसने अपने किए पर पश्चाताप व्यक्त किया था। उसका कहना था कि उसे जेल से बाहर निकलकर समाज में एक सुधरे हुए व्यक्ति के रूप में वापस लौटने का अवसर दिया जाना चाहिए।
22-23 जनवरी, 1999 को दारा सिंह के नेतृत्व में एक भीड़ ने ओडिशा के क्योंझर जिले में स्टेंस और उसके दो नाबालिग बेटों पर हमला कर उन्हें जिंदा जला दिया था।
दारा सिंह को 2003 में सीबीआई अदालत द्वारा मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी, जिसे ओडिशा हाई कोर्ट ने 2005 में आजीवन कारावास में बदल दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में इस सजा को बरकरार रखा था।
