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चक्रवात 'अर्णव' का खतरा: ओडिशा सरकार अलर्ट, 8 जिलों की निगरानी के लिए 2 उपमुख्यमंत्री और 6 मंत्री मैदान में उतरे

Published: Tue, 27 Oct 2026 12:24 AM (IST)

बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात 'अर्णव' के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार पूरी तरह अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री ...और पढ़ें

संभावित चक्रवात से निपटने और 'शून्य जनहानि' का लक्ष्य हासिल करने के लिए राज्य सरकार ने दक्षिण ओडिशा के छह जिलों में विशेष प्रबंध किए हैं।

संभावित चक्रवात से निपटने और 'शून्य जनहानि' का लक्ष्य हासिल करने के लिए राज्य सरकार ने दक्षिण ओडिशा के छह जिलों में विशेष प्रबंध किए हैं।

HighLights

  1. ओडिशा सरकार चक्रवात 'अर्णव' के लिए पूरी तरह अलर्ट।

  2. NDRF, ODRAF टीमें और शिक्षण संस्थान बंद किए गए।

 

जासं, जमशेदपुर। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान 'अर्णव' में बदलने की आशंका को देखते हुए ओडिशा सरकार पूरी तरह अलर्ट हो गई है। 

 
संभावित चक्रवात से निपटने और 'शून्य जनहानि' का लक्ष्य हासिल करने के लिए राज्य सरकार ने दक्षिण ओडिशा के छह जिलों में विशेष प्रबंध किए हैं। 
 
इन संवेदनशील जिलों में ओड्राफ (ODRAF) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 6 टीमें तैनात की गई हैं। 
 
वहीं, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 8 जिलों में चक्रवात प्रबंधन, राहत व बचाव कार्यों की निगरानी के लिए दो उपमुख्यमंत्रियों और छह मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। 
 
ये सभी मंत्री 27 से 29 अक्टूबर तक संबंधित जिलों में रहकर प्रशासन के साथ समन्वय बनाएंगे। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में राजीव भवन स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। 
 
इसमें विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी, विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल और मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। 
 
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नवरंगपुर के जिलाधिकारियों ने भी तैयारियों की जानकारी दी।
 
मौसम विभाग के अनुसार, संभावित चक्रवात के उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की आशंका है, जिसके प्रभाव से दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
 

अधिकारियों को मुख्यालय में रहने का निर्देश 

मंत्री सुरेश पुजारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यालय आने के बजाय अपने कार्यस्थल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ें। 
 
जिला स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों की सूचनाएं तत्काल साझा करने को कहा गया है। राहत केंद्रों में शरण लेने वाले लोगों के साथ अतिथि जैसा व्यवहार करने, उनके भोजन, स्वास्थ्य, बच्चों के लिए दूध व शिशु आहार की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
 

आठ जिलों में मंत्रियों की तैनाती और छह जिलों में शिक्षण संस्थान बंद 

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कोरापुट में उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव और रायगढ़ा में उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिड़ा को तैनात किया है। 
 
इसके अलावा कंधमाल में मंत्री रवि नारायण नायक, गंजाम में विभूति भूषण जेना, गजपति में सूर्यवंशी सूरज, नवरंगपुर में कृष्ण चंद्र पात्र, मलकानगिरी में नित्यानंद गोंड और कालाहांडी में मुकेश महालिग को जिम्मेदारी दी गई है।
 
संभावित खतरे को देखते हुए गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नवरंगपुर में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया गया है। 
 
सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। ब्लॉक, तहसील और नगर निकायों में 24 घंटे नियंत्रण कक्ष संचालित किए जा रहे हैं।
 

किसानों और पर्यटकों के लिए चेतावनी 

समुद्र में मछली पकड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही छह जिलों के पहाड़ी क्षेत्रों, जलप्रपातों, बांधों और पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही रोक दी गई है। 
 
कृषि विभाग ने किसानों को 80 से 85 प्रतिशत तक पक चुकी धान, मक्का और अन्य फसलों की जल्द कटाई कर सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। 
 
अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, सर्पदंश के उपचार के इंजेक्शन और क्लोरीन की गोलियों का पर्याप्त भंडार रखा गया है।
 

चक्रवात 'अर्णव' से निपटने के लिए ओडिशा पुलिस भी मुस्तैद 

ओडिशा पुलिस ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। तेज हवा, भारी वर्षा और जलभराव की आशंका के चलते केंद्रीय रेंज के अंतर्गत आने वाले सात जिलों- कटक ग्रामीण, जगतसिंहपुर, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, नयागढ़ और पुरी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। 
 
पुरी, जगतसिंहपुर, कटक और खुर्दा जिलों में ओड्राफ की चार टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस प्रशासन लोगों को सुरक्षित निकालकर चक्रवात आश्रय स्थलों तक पहुंचाने में मदद कर रहा है।
 
तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और समुद्र तटों पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
 
केवल आधिकारिक बुलेटिन पर भरोसा करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 112 पर संपर्क करें।