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ओडिशा के खुर्दा में महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की संपत्ति पर भूमाफिया की नजर, मंदिर के नाम दर्ज 50 खदानों से हो रहा अवैध पत्थर खनन

By Laxmi PattanaikEdited By: Sanjeev Kumar
Published: Tue, 13 Oct 2026 07:11 PM (IST)

ओडिशा के खुर्दा जिले में भगवान श्रीजगन्नाथ महाप्रभु के नाम दर्ज करोड़ों की भू-संपत्ति पर अवैध पत्थर खनन का मामला ...और पढ़ें

सालबेग पीठ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वक्ताओं ने खदानों से बड़े पैमाने पर पत्थरों की अवैध निकासी का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से जांच की मांग की है।

सालबेग पीठ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वक्ताओं ने खदानों से बड़े पैमाने पर पत्थरों की अवैध निकासी का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से जांच की मांग की है।

HighLights

  1. खुर्दा में श्रीजगन्नाथ की संपत्ति पर अवैध खनन।

  2. 45-50 खदानों से पत्थरों की अवैध निकासी।

  3. राज्य सरकार से जांच और कार्रवाई की मांग।

जासं, पुरी। ओडिशा के खुर्दा जिले में भगवान श्रीजगन्नाथ महाप्रभु के नाम दर्ज करोड़ों रुपये की भू-संपत्ति पर कथित कब्जे और अवैध पत्थर खनन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 
 
पुरी के प्रसिद्ध भक्त सालबेग पीठ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वक्ताओं ने खदानों से बड़े पैमाने पर पत्थरों की अवैध निकासी का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से जांच की मांग की है।
 

45 से 50 खदानों से हर दिन सैकड़ों ट्रक पत्थर की सप्लाई 

संवाददाता सम्मेलन में दी गई जानकारी के अनुसार, खुर्दा जिले के विभिन्न इलाकों में महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के नाम पर विशाल संपत्ति दर्ज है, जिनमें करीब 45 से 50 पत्थर खदानें शामिल हैं। 
 
आरोप है कि इन खदानों से वर्षों से अवैध रूप से पत्थरों का उत्खनन कर रोजाना सैकड़ों ट्रकों के जरिए भुवनेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई की जा रही है। 
 

किन-किन इलाकों में चल रहा है खेल? 

इससे श्रीमंदिर प्रशासन को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगने की आशंका जताई गई है। वक्ताओं ने बताया कि खुर्दा जिले के मलीपड़ा, काइपदर, निजिगड़ तापंग, डंगरपड़ा, छत्रमा और झिंकिझारी जैसे क्षेत्रों में ये पत्थर खदानें स्थित हैं। 
 
दावा किया गया है कि इन खदानों को श्रीमंदिर प्रशासन द्वारा नीलामी पर नहीं दिया गया है, फिर भी बेखौफ तरीके से खनन जारी है। शिकायतों के बावजूद स्थानीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी जताई गई।
 

जब्त पत्थरों की नीलामी और ट्रांजिट पास पर उठे सवाल 

संवाददाता सम्मेलन में खनन विभाग की कार्यशैली पर भी निशाना साधा गया। आरोप लगाया गया कि समय-समय पर जो अवैध पत्थर जब्त किए जाते हैं, वे नीलामी प्रक्रिया के जरिए घूम-फिरकर फिर उन्हीं भू-माफियाओं के हाथ लग जाते हैं। 
 
इसके बाद प्राप्त ट्रांजिट पास का दुरुपयोग कर हर महीने हजारों ट्रिप गिट्टी और पत्थरों की अवैध ढुलाई की जाती है। वरिष्ठ वक्ताओं ने याद दिलाया कि वर्ष 2018 में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इन खदानों पर छापेमारी कर कई गाड़ियां जब्त की थीं और गिरफ्तारियां भी हुई थीं।
 
इसके बाद कुछ साल स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में यह अवैध धंधा फिर चरम पर पहुंच गया है। पीसी में मोहम्मद शेखावत उर्फ कालाखंडी और उसके सहयोगियों पर मुख्य भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया।
 
हरिशंकर मिश्र ने मुख्यमंत्री से मामले में सीधे हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि महाप्रभु की संपत्ति की सुरक्षा के लिए अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए तथा इसमें लिप्त भू-माफियाओं व लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।