Odisha Flood: मूसलाधार बारिश से पोटेरू नदी उफान पर, पुल पर पानी बहने से NH-326 ठप
मलकानगिरी जिले के कालीमेला में लगातार बारिश से पोटेरू नदी उफान पर है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-326 पर यातायात ठप हो गया है।

पुल पर पानी बहने से NH-326 ठप
HighLights
मलकानगिरी में लगातार बारिश से पोटेरू नदी उफान पर।
पोटेरू पुल पर पानी आने से NH-326 ठप हुआ।
हाईलेवल ब्रिज निर्माण में देरी से समस्या बढ़ी।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के प्रभाव से मलकानगिरी जिले के कालीमेला क्षेत्र में लगातार बारिश जारी है। शुक्रवार अपराह्न पोटेरू पुल के ऊपर बाढ़ का पानी बहने से राष्ट्रीय राजमार्ग-326 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इससे आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
पिछले 24 घंटों में कालीमेला में 35 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण पोटेरू नदी उफान पर है। गुरुवार से जारी बारिश के चलते कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। इस वर्ष पहली बार पोटेरू पुल डूबा है। पुलिस मौके पर तैनात रहकर लोगों को पुल पार नहीं करने की चेतावनी दे रही है।
इधर, राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कांगुरकोंडा पुल के ऊपर भी पानी बहना शुरू हो गया है। प्रशासन का कहना है कि यदि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश जारी रही तो यह पुल भी जलमग्न हो सकता है, जिससे संपर्क व्यवस्था और प्रभावित होगी।
हाईलेवल ब्रिज निर्माण में देरी से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि पोटेरू और कांगुरकोंडा में हाईलेवल ब्रिज निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने इसके लिए टेंडर भी जारी किया था, लेकिन करीब एक वर्ष से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। पहले ठेकेदार के काम छोड़ने के बाद दूसरी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, फिर भी काम दोबारा कब शुरू होगा, यह स्पष्ट नहीं है।
कन्याश्रम पुल पर तीन फीट पानी
शुक्रवार शाम करीब चार बजे पड़िया-कालीमेला मुख्य सड़क पर पोटेरू नदी स्थित कन्याश्रम पुल के ऊपर लगभग तीन फीट पानी बहने लगा। इसके बाद इस मार्ग पर भी आवागमन बाधित हो गया। प्रशासन ने लोगों को पुल पार नहीं करने और जोखिम उठाकर पानी में प्रवेश न करने की सलाह दी है।
साबेरी नदी का जलस्तर भी बढ़ा
लगातार बारिश के कारण साबेरी नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। नदी का पानी कालदापल्ली और कुर्ती गांव के निकटवर्ती क्षेत्रों तक पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को लेकर नदी किनारे बसे गांवों के लोग चिंतित हैं। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर रखने के साथ आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
