भुवनेश्वर, जेएनएन। राज्य में पिछले दो दिन से हो रही लगातार बारिश के कारण बालेश्वर जिला के बस्ता होकर प्रवाहित होने वाली जलका नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। जलका नदी का मथानी में खतरे का निशान 5.5 मीटर है जबकि शुक्रवार सुबह के समय यहां जल स्तर 6.1 मीटर पर प्र​वाहित हो रहा था। वहीं प्रति घंटे नदी का जलस्तर 0.10 मीटर बढ़ने की बात पता चली है।

ऊपरी हिस्से में लगातार हो रही बारिश के कारण रासगोविन्दपुर, मोरड़ा, शुलियापड़ा तथा चित्रड़ा इलाके में भारी बारिश होने से जलका नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी के लगातार बढ़ने से उक्त इलाके में बाढ़ की स्थिति बन गई है। निचले इलाके फसल पूरी तरह से डूब गई है। नदी का जलस्तर से बढ़ने से नदी के आस-पास बसे गांवों के लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। 

वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रही बारिश के कारण बैतरणी नदी का जलस्तर भी धीरे धीरे बढ़ने लगा है। आखुआपदा में शुक्रवार सुबह 8 बजे नदी का जलस्तर 16.83 मीटर था जबकि 9 बजे 16.93 मीटर, 10 बजे 17.15 मीटर, 11 बजे 17.26 मीटर तो 12 बजे 17.36 मीटर तक पहुंच गया था। आखुआपदा आनिकट में खतरे का निशान 17.83 मीटर है। बैतरणी नदी के ऊपरी हिस्से आखुआपदा में 96.2 मिमी., आनंदपुर में 55.6 मिमी., सोमपाटणा में 45.4 मिमी, केन्दुझर में 41.4 मिमी., ठाकुरमुंडा में 35.2 मिमी., चुम्पुआ में 52.6 मिमी. बारिश रेकर्ड की गई है। बारिश का दौर अभी जारी है। यही कारण है कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 

राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण शुक्रवार को 10 जिलों के स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्र में छुट्टी घोषित कर दी गई है इन जिलों में गंजाम, पुरी, खुर्दा, जाजपुर, केन्दुझर, भद्रक, बालेश्वर, ढेंकानाल, केन्द्रापड़ा एवं जगतसिंहपुर जिला शामिल है। इन जिलों के जिलाधीशों ने छुट्टी घोषित किया है। यहां उल्लेखनीय है कि गुरुवार को लगातार हो रही बारिश के कारण 8 जिलों में स्कूल कालेज बंद किए गए थे।

ओडिशा में लगातार बारिश के चलते एक तरफ जहां कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति बन गई है तो वहीं दूसरी तरफ से विभिन्न जगहों पर दीवार गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई तथा 4 लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए हैं।  

प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्रापड़ा जिला के आली थाना अन्तर्गत गणेश्वरपुर नुआसाही गांव में एक घर के ढह जाने से दीवार के नीचे दबकर एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई है। उक्त व्यक्ति का नाम कैलाश सामल (80) है। हालांकि इस हादसे में उनकी पत्नि मालती सामल बच गई है, जिन्हें सामान्य चोट लगी है। बुजुर्ग दंपत्ति अपने घर में शो रहे थे कि  देर रात को अचानक मिट्टी का बना घर ढह गया। इसमें कैलाश मिट्टी की दीवार के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

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उसी तरह से बालेश्वर जिले के राइबणिया थाना अन्तर्गत कालका पंचायता के भदुआ गांव में दीवार ढहने से एक व्यक्ति की मौत होने के साथ उनकी पत्नि एवं 4 साल की बेटी गम्भीर रूप से घायल हुई है। घायलों को हातीगड़ स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती किया गया है। जानकारी के मुताबिक लगातार बारिश के चलते उनका मिट्टी का मकान गिर गया, जिसके नीचे ये लोग दब गए थे। इसके अलावा केन्दुझर जिला के आनंदपुर ब्लाक बसंतपुरा गांव में भी दीवार ढहने से एक महिला गम्भीर रूप से घायल हो गई है। पुरी जिले के कुम्हारपड़ा में दीवार ढहने से गम्भीर रूप से घायल एक व्यक्ति की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। उक्त व्यक्ति का नाम रसानंद विशोई है।

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Posted By: Babita kashyap

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