ओडिशा में जादू-टोना के शक में बुजुर्ग महिला की हत्या, पड़ोसी ने 'डायन' बताकर हंसिये से काटा और फिर लगा दी आग
ओडिशा के मयूरभंज जिले में अंधविश्वास का भयावह मामला सामने आया है। कुम्भिरदा गांव में एक अविवाहित बुजुर्ग महिला जाबा ...और पढ़ें

जादू-टोना के शक में बुजुर्ग महिला की हत्या

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जागरण संवाददाता, अनुगुल। अंधविश्वास की जड़ें अब भी ग्रामीण अंचलों में कितनी गहरी है, इसका एक और भयावह उदाहरण सामने आया है। ओडिशा के मयूरभंज जिले में जादू-टोना के संदेह में एक अविवाहित बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
यह सनसनीखेज वारदात कुम्भिरदा गांव में हुई, जो बहलदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। मृतका की पहचान जाबा टुडू के रूप में हुई है। आरोप है कि उसके पड़ोसी युगु मारंडी ने ही उसे डायन बताकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद आरोपी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
लंबे समय से महिला पर डायन होने का शक
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी को लंबे समय से महिला पर डायन होने का शक था। शुक्रवार देर रात जब जाबा टुडू अपने घर में अकेली सो रही थी, तभी युगु मारंडी ने घर में घुसकर हंसिया से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने कथित रूप से महिला को आग के हवाले कर दिया। इससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस ने साक्ष्य जुटाए
घटना की सूचना मिलते ही बहलदा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शनिवार सुबह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जदुनाथ जेना तथा रायरंगपुर के एसडीपीओ बीरेंद्र कुमार सेनापति वैज्ञानिक दल के साथ गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हत्या के पीछे की पूरी साजिश और मकसद की तह तक पहुंचने में जुटी है। आरोपी से पूछताछ जारी है।
गौरतलब है कि राज्य में जादू-टोना और डायन प्रथा के खिलाफ सख्त कानून और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, बावजूद इसके ऐसे मामले सामने आना चिंताजनक है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभाव में ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास अब भी जानलेवा रूप ले रहा है।
