ओडिशा DGP विवाद: जूनियर अफसर की दावेदारी पर फंसा पेंच, अब 2 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा में नए डीजीपी की नियुक्ति से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई 2 सितंबर तक टाल दी ...और पढ़ें

ओडिशा DGP विवाद: जूनियर अफसर की दावेदारी पर फंसा पेंच, अब 2 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी नियुक्ति मामले की सुनवाई टाली।
ओडिशा सरकार पर जूनियर अधिकारी को शामिल करने का आरोप।
प्रकाश सिंह मामले के दिशानिर्देशों के उल्लंघन का दावा।
एजेंसी, नई दिल्ली/भुवनेश्वर। सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा में नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई मंगलवार को दो सितंबर तक स्थगित कर दी।
ओडिशा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जायमाल्या बागची एवं जस्टिस वी. मोहना की पीठ को बताया कि राज्य ने याचिका का जवाब दाखिल किया है।
पीठ ने कहा कि राज्य सरकार का जवाब अभी रिकॉर्ड पर नहीं है। इसके बाद पीठ ने याचिका पर सुनवाई टाल दी।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि ओडिशा सरकार डीजीपी पद के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची में एक जूनियर अधिकारी को शामिल करने का प्रयास कर रही है, जो प्रकाश सिंह मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन है।
प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया था कि राज्य सरकार विभाग के उन तीन वरिष्ठ अधिकारियों में से राज्य के डीजीपी को चुनेगी, जिन्हें यूपीएससी ने उस पद पर पदोन्नति के लिए चुना हो।
सरल शब्दों में कहें तो डीजीपी पद के लिए यूपीएससी तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सरकार को देगी। सरकार को इन्हीं तीन में से किसी एक अधिकारी को डीजीपी चुनना होगा।
