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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 साल के जनसेवा कार्यकाल पर ओडिशा कैबिनेट ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव

Published: Wed, 14 Oct 2026 04:46 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के जनसेवा कार्यकाल पर ओडिशा कैबिनेट ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पीएम मोदी के 25 साल जनसेवा पर कैबिनेट का अभिनंदन।

  2. ओडिशा के विकास, बुनियादी ढांचे में मोदी सरकार का योगदान।

  3. 'विकसित भारत 2047' लक्ष्य में ओडिशा की भूमिका पर जोर।

शेषनाथ राय, जागरण, भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत सात अक्टूबर को शासन प्रमुख के रूप में देश की जनता की सेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे किए। इस अवसर पर उन्हें बधाई देते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया।

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक और प्रशासनिक इतिहास में प्रधानमंत्री मोदी जैसा निरंतर सेवा, समर्पण और संकल्प का उदाहरण दुर्लभ एवं अद्वितीय है। उनके असाधारण नेतृत्व और सेवा भावना के प्रति देश की जनता का अटूट समर्थन रहा है। प्रधानमंत्री के रूप में उनके 12 वर्ष का कार्यकाल देश के कायाकल्प का दौर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री ने समाज के चार प्रमुख वर्गों- महिला, किसान, गरीब और युवा को मुख्यधारा में शामिल करने पर विशेष जोर दिया है। इन चारों वर्गों के सशक्तीकरण से पूरे देश को मजबूती मिल रही है। असाधारण चुनौतियों का सीधे सामना करने का साहस प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रमुख विशेषता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही ओडिशा की विकास योजनाओं को विशेष महत्व मिला है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आठ बार ओडिशा आ चुके हैं। इन दौरों के दौरान उन्होंने राज्य की विकास प्रक्रिया को गति देने के लिए कई कदम उठाए और आवश्यक सुझाव भी दिए। ओडिशा में बुनियादी ढांचे के विकास, औद्योगीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और गरीब कल्याण की योजनाओं को केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री की पूर्वोदय परिकल्पना के केंद्र में ओडिशा है।

रेलवे और सड़क परियोजनाओं को मिली गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक ओडिशा में 2,236 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण किया गया है। राज्य में शत-प्रतिशत रेल विद्युतीकरण का लक्ष्य भी हासिल कर लिया गया है। तीन दशक से अधिक समय से प्रतीक्षित खुर्दा रोड-बोलांगीर रेल लाइन का काम अब लगभग पूरा होने की स्थिति में है। राज्य के 17 जिलों को जोड़ने वाली छह वंदे भारत ट्रेनें ओडिशा में 25 स्टॉपेज पर सेवाएं दे रही हैं।

इसके अलावा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 59 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 111 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले कैपिटल रीजन रिंग रोड के निर्माण के लिए 8,308 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में ओडिशा के सड़क, रेल, हवाई और जल परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए जिस स्तर पर कदम उठाए गए हैं, वैसा स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहले देखने को नहीं मिला। राउरकेला स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण के साथ राउरकेला हवाई अड्डे का भी विस्तार किया जा रहा है।

तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा

मुख्यमंत्री के अनुसार, भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से ग्रीन डाटा सेंटर स्थापित करने के साथ साइबर सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन्फोवैली में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर पैदा हो रहे हैं। सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में भी ओडिशा अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 तक समृद्ध ओडिशा के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्ष 2036 में ओडिशा के अलग राज्य के रूप में गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने नीति आयोग से विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप ओडिशा के लिए दो अलग-अलग विजन तैयार करने का प्रस्ताव दिया था।

नीति आयोग के साथ प्रधानमंत्री ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद ओडिशा के लिए विजन-2036 और विजन-2047 तैयार किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों विजन को साकार करने पर प्रधानमंत्री का विशेष ध्यान है।