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ओडिशा में 2.47 लाख करोड़ के निवेश को मंजूरी, 50 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार

Published: Thu, 24 Sep 2026 07:12 PM (IST)

ओडिशा में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 2.47 लाख करोड़ रुपये के 27 बड़े निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. मुख्यमंत्री माझी की अध्यक्षता में 2.47 लाख करोड़ के निवेश को मंजूरी।

  2. 27 परियोजनाओं से 15 जिलों में 50,162 से अधिक रोजगार सृजित होंगे।

  3. डेटा सेंटर, हरित ऊर्जा, इस्पात जैसे क्षेत्रों में बड़ा निवेश।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल क्लीयरेंस अथॉरिटी (एचएलसीए) की 46वीं बैठक में राज्य में 2.47 लाख करोड़ रुपये के 27 बड़े निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।

इन परियोजनाओं से 15 जिलों में 50,162 से अधिक रोजगार सृजित होने का अनुमान है। डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, इस्पात, स्वास्थ्य और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश से ओडिशा के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं में सबसे बड़ा निवेश सूचना प्रौद्योगिकी और डेटा सेंटर क्षेत्र में प्रस्तावित है।

इस क्षेत्र की चार परियोजनाओं में 1.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। इनमें खुर्दा में हाई डेंसिटी डाटासेंटर लिमिटेड द्वारा 1.04 लाख करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा।

एचसीएल टेक्नोलॉजीज खुर्दा में एआई आधारित डेटा सेंटर बनाएगी, जबकि सेंट्राफोर्ज एआई लिमिटेड पुरी में एआई डेटा सेंटर एवं ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करेगी। कटक में भी एक नया डेटा सेंटर विकसित किया जाएगा।

ऊर्जा क्षेत्र में 54,287 करोड़ रुपये के निवेश वाले चार प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। एनएलसी इंडिया लिमिटेड देवगढ़ में 3,200 मेगावाट और अंगुल में 1,080 मेगावाट क्षमता के ताप विद्युत संयंत्र स्थापित करेगी। रायगड़ा और कोरापुट में दो पंप्ड स्टोरेज हाइड्रो परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है।

सुंदरगढ़ में इस्पात क्षेत्र की दो बड़ी परियोजनाओं में 14 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। रुंगटा माइंस अपनी एकीकृत इस्पात इकाई का विस्तार करेगी, जबकि शाकंभरी इस्पात एंड पावर लिमिटेड नया एकीकृत इस्पात संयंत्र स्थापित करेगी। इन दोनों परियोजनाओं से लगभग 17 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

लैब-ग्रोन डायमंड क्षेत्र की पांच परियोजनाओं में 10,680 करोड़ रुपये का निवेश होगा। खुर्दा और गंजाम में स्थापित होने वाली इन इकाइयों से 8,850 रोजगार सृजित होंगे।

वहीं, खुर्दा में 2,078 करोड़ रुपये की लागत से सिलिकॉन कार्बाइड वेफर और गैलियम नाइट्राइड निर्माण इकाई भी स्थापित की जाएगी, जिससे राज्य के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

हरित ऊर्जा को बढ़ावा

हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नुआपड़ा में उन्नत बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली संयंत्र तथा केंद्रपड़ा में ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। गंजाम में एलएंडटी की हरित ऊर्जा उपकरण निर्माण, उन्नत विनिर्माण और जहाज निर्माण परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में अदाणी फाउंडेशन खुर्दा में 2,150 करोड़ रुपये की लागत से 1,000 बेड का मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करेगा। इसके अलावा टाटा स्टील जाजपुर में आयरन ओर ग्राइंडिंग यूनिट और स्लरी पाइपलाइन परियोजना विकसित करेगी।

रसायन, वस्त्र और टायर निर्माण क्षेत्र की कई परियोजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन, भविष्य उन्मुख बुनियादी ढांचे के विकास और औद्योगिक निवेश को पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर नए जिलों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से ओडिशा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, सेमीकंडक्टर, हरित ईंधन और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

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