जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर : प्रदेश सरकार ने फणि तूफान से प्रभावित प्रदेशवासियों की मदद करने के लिए 1600 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की है। सरकार ने राज्य के किसानों और खेती के लिए विशेष रूप से जीविका निर्वाह योजना की घोषणा की है। वर्तमान में पूरे देश में चुनाव आचार संहिता लागू है। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार ने लोगों की मदद करने के लिए फणि तूफान से प्रभावित जिलों से आचार संहिता हटाने के लिए चुनाव आयोग से अनुरोध किया था। जिसे चुनाव आयोग ने स्वीकार कर लिया था। इसी के बाद पहले केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की एक हजार करोड़ रुपये की मदद की और अब राज्य सरकार ने प्रभावितों की मदद करने के लिए 1600 करोड़ रुपये के जीविका निर्वाह पैकेज की घोषणा किया है।

राज्य सरकार ने राहत पैकेज की घोषणा करते हुए फणि तूफान से प्रभावित जिलों की मालगुजारी, भू एवं जल शुल्क, स्कूल तथा परीक्षा शुल्क माफ करने के साथ प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को दो अतिरिक्त यूनीफार्म देने को कहा है। इसके साथ ही 33 फीसद से अधिक फसल नष्ट होने की स्थिति में सभी छोटे एवं मझोले किसानों को कृषि इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। जिन क्षेत्रों में गैर जल सिचाई वाली 33 फीसद से अधिक फसल नष्ट हुई है। वहां के किसानों को प्रति हेक्टेयर 7800 रुपया कृषि इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा हर दिन उपज वाली फसल के लिए हेक्टेयर के पीछे 18 हजार रुपये की छूट दी जाएगी। इसी तरह किसी भी परिस्थिति में प्रभावित किसानों को हर दिन की फसल के लिए दो हजार रुपये से कम क्षतिपूर्ति नहीं दी जाएगी। राज्य सरकार ने आम, नारियल, काजू, व पान के किसानों के लिए इस तरह की राहत प्रदान की है। इसके अलावा जिन किसानों की 33 फीसद फसल नुकसान हुई है उनके कर्ज की कम समयावधि बढ़ायी जाएगी।

रवि फसल नष्ट होने पर सौ फीसद मदद

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पैकेज की घोषणा करते हुए कहा है कि वर्तमान आíथक साल 2019-20 में सौ फीसद भू शुल्क माफ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि रवि फसल में 33 फीसद या इससे अधिक फसल नष्ट होने पर किसानों का सौ फीसद शुल्क माफ कर दिया गया है। प्रभावित जिलों में स्कूल फीस तथा परीक्षा शुल्क को सरकार ने माफ कर दिया है। विशेष रूप से प्रभावित जिलों में स्कूली बच्चों को दो-दो यूनीफार्म दिया जाएगा। इसके साथ ही दो गाय एवं दो भैंस की मौत पर (सर्वाधिक तीन के लिए) किसानों को 25 हजार रुपया, छह बछड़ा-बछड़ी के लिए 16 हजार रुपया, तीन बकरी के लिए तीन हजार रुपया, घरेलू पक्षियों के लिए 50 रुपया सहायता राशि दी जाएगी। उसी तरह से गोशाला के लिए 50 हजार रुपया दिया जाएगा। प्रभावित जिलों में एक लाख दुग्ध किसानों को गो खाद्य के लिए भी राज्य सरकार सहायता राशि प्रदान करेगी।

मछुआरों को नाव के लिए 50 फीसद की सहायता

चिलिका या समुद्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को नाव के लिए 50 फीसद की सहायता राशि अर्थात सर्वाधिक 80 हजार रुपये तथा जाल के लिए 50 फीसद अर्थात 20 हजार रुपये सहायता राशि दी जाएगी। हथकरघा क्षेत्र में प्रभावित जिला के 70 हजार कारीगर एवं उद्योगों को 4100 रुपये की सहायता राशि दिए जाने का सरकार ने निर्णय लिया है।

मुर्गी पालकों के परिवार को पांच हजार तक आíथक सहायता

भुवनेश्वर : मुर्गी पालन करने वाले किसानों का मुर्गी फार्म फणि तूफान के चलते बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में सरकार ने प्रभावित सभी मुर्गी पालकों की मदद करने का निर्णय लिया है। तूफान प्रभावित इलाके में मुर्गी पालकों को एक मुर्गी के पीछे 50 रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक परिवार के पीछे सरकार ने पांच हजार रुपये की मदद देने के लिए निर्णय लिया है, यह जानकारी विशेष राहत आयुक्त विष्णुपद सेठी ने दी।

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Posted By: Jagran

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