ओडिशा को केंद्र की बड़ी सौगात: 6 नई रेल लाइनों को मंजूरी, 1 लाख करोड़ का होगा निवेश
केंद्र सरकार के पूर्वोदय विजन के तहत ओडिशा में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं की योजना ...और पढ़ें

ओडिशा को केंद्र की बड़ी सौगात: 6 नई रेल लाइनों को मंजूरी, 1 लाख करोड़ का होगा निवेश (AI Generated Image)
HighLights
ओडिशा में एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं प्रस्तावित।
70,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पहले ही स्वीकृत हो चुकी हैं।
परियोजनाएं क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक विकास को मजबूत करेंगी।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। केंद्र सरकार के पूर्वोदय विजन के तहत पूर्वी भारत के विकास को गति देने के लिए ओडिशा में करीब एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं की योजना बनाई गई है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में 70,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है।
वर्तमान में 40 परियोजनाएं, जिनकी कुल लंबाई 4,017 किलोमीटर है और जिन पर 54,434 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश होगा, विभिन्न चरणों में कार्यान्वित की जा रही हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने 24,657 करोड़ रुपये लागत वाली आठ रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें से छह परियोजनाएं ओडिशा को लाभ पहुंचाएंगी, जिन पर लगभग 15,004 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। वैष्णव ने कहा कि राज्य की सभी नई और चल रही रेलवे परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार इन परियोजनाओं के लिए विशेष रूप से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने में पूरा सहयोग देगी।
मंजूर की गई प्रमुख रेलवे परियोजनाएं
- 73.62 किमी लंबी गुनुपुर-थेरुबाली रेल लाइन
- 116.21 किमी लंबी जूनागढ़ रोड-नवरंगपुर रेल लाइन
- 173.61 किमी लंबी मलकानगिरि-पांडुरंगापुरम रेल लाइन (भद्राचलम मार्ग से)
- बदामपहाड़-केन्दुझर रेल परियोजना
- बांगिरिपोसी-गोरूमहिसानी रेल परियोजना
- बुरामारा-चाकुलिया रेल परियोजना
क्षेत्रीय संपर्क को मिलेगी मजबूती
इन छह परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रायगड़ा, कालाहांडी, नवरंगपुर, मलकानगिरि, केन्दुझर और मयूरभंज जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही इन क्षेत्रों में कृषि उत्पाद, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट, बॉक्साइट, चूना पत्थर, एल्युमीनियम, ग्रेनाइट और गिट्टी के परिवहन में भी सुविधा होगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नई रेल लाइनें क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करेंगी, लोगों की आवाजाही को आसान बनाएंगी और रेलवे नेटवर्क की दक्षता तथा सेवा की विश्वसनीयता में सुधार करेंगी।
