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सड़क नहीं फिर भी थमी नहीं राह, नाव चलाकर बच्चों का भविष्य संवार रहे ओडिशा के दो शिक्षक

Published: Sat, 05 Sep 2026 01:58 PM (IST)

ओडिशा के नवरंगपुर में दो शिक्षक सड़क संपर्क न होने के कारण इंद्रावती जलाशय को नाव से पार कर रोजाना स्कूल पहुँचते हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।

नाव चलाकर बच्चों का भविष्य संवार रहे ओडिशा के दो शिक्षक

नाव चलाकर बच्चों का भविष्य संवार रहे ओडिशा के दो शिक्षक

HighLights

  1. नवरंगपुर के शिक्षक नाव से जलाशय पार कर स्कूल पहुँचते हैं।

  2. सड़क संपर्क न होने पर भी बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करते हैं।

  3. यह शिक्षकों की शिक्षा के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के नवरंगपुर जिले में शिक्षा के प्रति समर्पण की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। यहां दो शिक्षक प्रधान शिक्षक रति हरिजन, शिक्षक अजित कुमार खुराना रोजाना जान जोखिम में डालकर इंद्रावती जलाशय पार करते हैं और करीब डेढ़ घंटे की नाव यात्रा के बाद स्कूल पहुंचते हैं, ताकि दूरदराज के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

क्षेत्र में सड़क संपर्क की सुविधा नहीं होने के कारण शिक्षकों के सामने विद्यालय तक पहुंचने की बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद दोनों शिक्षक हार नहीं मानते। वे हर दिन पारंपरिक देशी नाव से जलाशय पार कर अपने स्कूल पहुंचते हैं। 

बारिश और खराब मौसम के दौरान यह सफर और भी खतरनाक हो जाता है, लेकिन छात्रों के भविष्य की चिंता उन्हें हर हाल में स्कूल तक पहुंचने के लिए प्रेरित करती है।

गांवों में आवागमन की समस्या लंबे समय से

स्थानीय लोगों के अनुसार, जलाशय के आसपास बसे गांवों में आवागमन की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे में इन शिक्षकों का समर्पण बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिक्षक चाहें तो कठिन परिस्थितियों का हवाला देकर अनुपस्थित रह सकते हैं, लेकिन उन्होंने कभी ऐसा नहीं किया।

शिक्षकों का मानना है कि शिक्षा बच्चों का अधिकार है और उन्हें बेहतर भविष्य देने की जिम्मेदारी उनकी भी है। यही सोच उन्हें रोजाना इस कठिन और जोखिम भरे सफर के लिए प्रेरित करती है।

यह घटना न केवल शिक्षा के प्रति शिक्षकों की निष्ठा को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है। इन शिक्षकों की लगन और कर्तव्यनिष्ठा आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।