जासं, भुवनेश्वर : राजधानी भुवनेश्वर में बुधवार को आयोजित विश्व ओड़िया सम्मेलनी की बैठक में जगन्नाथ संस्कृति के प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया गया। साथ ही सम्मेलनी की एक वेबासाइट एवं मोबाइल एप का लोकार्पण किया गया। 22 एवं 23 दिसंबर को नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन ऑडिटोरियम में होने वाले विश्व ओड़िया सम्मेलनी के अधिवेशन में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं पुरी के गजपति महाराज को अतिथि के तौर पर आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद 26 दिसंबर को ओडिशा स्थित चिलिका में जगन्नाथ महोत्सव आयोजित किया जाएगा, इसमें एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।

इस बैठक में सम्मेलनी के मुख्य प्रतिपालक अमेरिका के वैज्ञानिक डॉ. सीताकंठ दास, उत्कल सांस्कृतिक विश्व विद्यालय के प्रथम कुलपति सह सम्मेलनी के मुख्य सलाहकार डॉ. विमलेंदू महांती, अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर शर्मा, अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय आवाहक किशोर कुमार द्विवेदी, अंतरराष्ट्रीय संयोजिका चिदात्मिका खटुआ, सम्मेलनी के महामंत्री विभू प्रसाद नायक, प्रतिष्ठाता व राजकिशोर राज के पुत्र सौम्यरंजन राज प्रमुख ने भाग लेकर अपने-अपने विचार रखे। अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर शर्मा ने कहा कि जगन्नाथ संस्कृति के प्रचार प्रसार, भारतीय सेना में क¨लग रेजीमेंट का गठन, पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आधारभूमि तैयार करने, कृषि एवं किसानों की उन्नति, जल, जमीन, जंगल, खदान संपदा, मानव संसाधन का सदुपयोग, ओडिशा के लौह अयस्क आदि के लिए विश्व ओड़िया सम्मेलनी सकारात्मक काम करेगी। सम्मेलनी के मुख्य प्रतिपालक अमेरिका के वैज्ञानिक डॉ. सीताकंठ दास ने कहा कि ओड़िया अब केवल ओड़िशा या भारत तक सीमित नहीं रहेगी। विश्व के कोण अनुकोण में ओड़िया भाषा एवं संस्कृति की झलक विश्व के लोगों को देखने को मिलेगी।

Posted By: Jagran