भुवनेश्वर, जेएनएन। गंजाम जिले के सात ब्लाक के दुर्गम इलाकों में मलेरिया के प्रकोप से लगभग 2789 लोगों को पीड़ित होने की जानकारी मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी गांवों में शिविर का आयोजन कर लोगों का इलाज व मच्छरदानी का वितरण कर रहे है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक गंजाम जिला के सात ब्लाक में सानखेमुंडी, सोरड़ा, पात्रपुर, धराकोट, पोलसरा, भंजनगर एवं दिगपहंडी ब्लाक शामिल हैं। इन ब्लाकों में पिछले साल से भी मलेरिया रोगियों की संख्या अधिक होने से इसके निराकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ योजना तैयार की गई है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2018-19 साल में तीन चरण में 195 स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किए जाने की योजना है। प्रत्येक चरण में 65 कैंप लगेगा। पहला चरण जून से शुरू होकर अगस्त अंत तक संपन्न हुआ है। इस चरण में इस साल का 65 एवं पिछले साल का बचा हुआ 20 कैंप मिलाकर कुल 85 कैंप लगाए गए। इन शिविरों में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से रक्त परीक्षण कराया। गर्भवती एवं पांच साल से कम आयु के शिशुओं के रक्त परीक्षण, हीमोग्लोबिन परीक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया।

गर्भवती महिलाओं के ब्लड प्रेशर की भी जांच की गई। 85 कैंप के जरिए कुल 12446 लोगों के खून के नमूने एवं अन्य परीक्षण किए गए। खून का नमून आने के बाद पता चला है कि 2789 लोगों के नमूने में मलेरिया के वायरस हैं। इतनी संख्या में मलेरिया रोगी सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। लोगों के उचित इलाज की व्यवस्था कराने के साथ प्रशासन ने ग्रामीणों में मच्छरदानी देने के साथ मच्छर मारने की दवा का छिड़काव किया गया है।

सूचना के मुताबिक जिला के सात ब्लाक के 273 गांव में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चलाए गए अभियान में 29709 लोगों को लाभ मिला है। खबर के मुताबिक वर्ष 2017 में गंजाम जिला में 10 हजार 72 लोग मलेरिया से पीड़ित पाए गए थे। इसमें से दो लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2016 में 11 हजार 856 लोगों को मलेरिया की चपेट में आए थे, जिसमें एक की मौत हुई थी। जिला के मलेरिया अधिकारी डॉ. जगदीश पटनायक ने बताया है कि यह एक दुर्गम इलाका है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी यहां पहुंचकर शिविर लगाकर लोगों की सेवा कर रहे है।

 

Posted By: Babita