संसू, भुवनेश्वर : हरिदासपुर-पारादीप रेलवे लाइन के पास भू-स्खलन होने से कार्य को झटका लगा है। जंबू मार्शाघाई ब्रिज के उत्तर दिशा में मिटटी धंसने के चलते रेलवे लाइन के किनारे रह रहे कई लोगों के घरों में दरार आ जाने से दहशत का का माहौल बन गया है। लोगों को आरोप है कि रेलवे की लापरवाही के चलते उनके घरों की दीवार में दरार आयी है। प्रभावितों ने रेलवे से क्षतिपूर्ति की मांग की है। गोसेईबांद के निकट रवींद्र दास व अरुण दास के घर की दीवार चटक गई है। भावग्राही नायक, बिजय स्वाईं के घरों का आंगन धंस गया है। इसके अलाव रेल लाइन के दोनों ओर बिजली के पोल और पेड़ पौधे भी गिरे हैं, इसे लेकर स्थानीय लोग रेलवे के कामकाज पर नाराजगी जता रहे है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1999 से हरिदासपुर-पारादीप प्रकल्प का काम आरंभ हुआ था मगर दो दशक बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाया है। तीन सौ एक करोड़ के इस प्रकल्प का खर्च अब 700 करोड़ से ज्यादा पहुंच चुका है। रेलवे अधिकारियों ने भू-स्खलन मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है। मार्शाघाई के तहसीलदार निरंजन साहू ने बताया कि घटनास्थल की निगरानी की जा रही है। लोगों के नुकसान का आकलन करने के बाद उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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