भुवनेश्वर, जेएनएन। दिहाड़ी मजदूरी कर अपना व अपने परिवार का पेट पालने वाले एक मजदूर के पास आयकर नोटिस आया है, वह भी छोटी मोटी रकम नहीं बल्कि दो लाख 59 हजार 540 रुपये की नोटिस मिला है। यह बात सुनने में आश्चर्यजनक लग रही है, मगर सच है। कोरापुट जिले के उमरकोट स्थित एक गांव में इस तरह की घटना सामने आयी है। इस गांव के संथर गंडक के पास उक्त रकम की नोटिस मिला है, जो कि अब चर्चा का विषय है। 

संथर ने आरोप लगाया है कि मुझे लिखना पढ़ना नहीं आता है। कभी भी बैंक नहीं गया। पिछले 7 साल से उमरकोट के एक व्यवसायी के पास में दिहाड़ी मजदूरी के तौर पर मैं काम करता हूं। वहां पर उक्त व्यवसायी ने मेरा आधारकार्ड एवं विभिन्न दस्तावेज लिए थे। इसके बाद उन्होंने क्या किया, मुझे नहीं पता है। कुछ दिन होगा संथर के घर पर एक नोटिस आया है। यह क्या है मुझे कुछ पता नहीं था। उक्त नोटिस को लेकर मैं पास के स्कूल में एक शिक्षक के पास ले गया। वहां पर पता चला तो मेरे पैर के नीचे से जमीन खिसक गई। मैंने अपने जीवन में कभी भी बैंक नहीं गया। पासबुक क्या होती है, मुझे पता नहीं है। मेरे नाम पर 2 लाख 59 हजार 540 रुपये की नोटिस का मैं विश्वास नहीं कर पा रहा हूं। 

आयकर नोटिस सूचना के मुताबिक, संथर के नाम पर आइसीआइसीआइ बैंक में खाता है जिसमें 1 करोड़ 47 लाख से अधिक रुपया रखा गया था। रुपये को उठा भी लिया गया है। आयकर नोटिस की खबर सुनने के बाद संथर के साथ स्थानीय लोगों के सिर भी चकराने लगे हैं। इस समस्या से एक मजदूर व्यक्ति किस प्रकार से बाहर निकलेगा, उसे लेकर लोगों में चर्चा हो रही है।

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Posted By: Babita kashyap

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