भुवनेश्‍वर, एजेंसी। कोलकाता बंदरगाह (Kolkata Port) अपने क्षेत्र में व्‍यापार का प्रसार करने के लिए इन दिनों ओडिशा से सी-फूड (Sea food) निर्यात की कोशिश में जुटा हुआ है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोलकाता के श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट (Shyama Prasad Mukherjee Port) के अधिकारियों ने बुधवार को भुवनेश्‍वर (Bhuwaneshwar) में सी-फूड एक्‍सपोर्ट सेक्‍टर के हितधारकों के साथ बैठक की और इस दौरान व्‍यवसाय की संभावनाओं और इससे संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। 

श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के अधिकारियों ने बैठक में यह जानना चाहा कि इस दिशा में व्‍यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए कैसे सुविधाओं में इजाफा किया जा सकता है, सेवाओं में सुधार लाया जा सकता है। 

पोर्ट के अध्‍यक्ष ने निर्यातकों से की बात

कोलकाता पोर्ट के अध्‍यक्ष विनीत कुमार (Vineet Kumar) ने निर्यातकों से कहा, 'हम आपकी परेशानियों के बारे में जानना चाहते हैं ताकि हम उनमें सुधार कर सके। मालूम हो कि श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट इस वक्‍त ओडिशा में सी-फूड निर्यातकों के साथ साझेदारी को बढ़ाना चाहता है, रिश्‍तों को बेहतर बनाना चाहता है ताकि व्‍यवसाय में उन्‍नति हो सके।'

विनीत कुमार ने बैठक में हितधारकों से कहा, 'हम आपकी उम्‍मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे ताकि अच्‍छी साझेदारी, बेहतर सेवा और कम लागत से दोनों लाभान्वित हो सके।' 

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पोर्ट का बांग्‍लादेश से भी जुड़ने का है विचार

विनीत कुमार ने यह भी कहा कि इस दिशा में आधुनिकीकरण और निवेश से जुड़े कई काम हो रहे हैं। पोर्ट इस वक्‍त छोटे जहाजों के माध्‍यम से बांग्‍लादेश और भारत के पूर्वोत्‍तर क्षेत्र से जुड़ने का प्रयास कर रहा है। उन्‍होंने कहा, हाल ही में हम बांग्‍लादेश के चटगांव बंदरगाह के जरिए मेघालय औ‍र त्रिपुरा से जुड़े। यहां हम सी-फूड निर्यात की अधिक संभावनाओं को तलाशेंगे। 

गौरतलब है कि श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट में कोलकाता डॉक सिस्टम और हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। रसद आपूर्ति और कंटेनर कार्गो के संचालन की यहां सुविधा है। इसमें पर्याप्त भंडारण क्षेत्र और मजबूत रेल नेटवर्क है, जो यहां से चीजों के सुगम आयात-निर्यात को सक्षम बनाता है। 

निर्यातकों को मदद की पेशकश

पोर्ट ने हितधारकों से कोलकाता डॉक के बुनियादी ढांचे का उपयोग रीफर या रेफ्रिजरेटेड कार्गो जहाज के लिए करने का आग्रह किया, जिसका उपयोग आमतौर पर फलों और समुद्री भोजन जैसे जल्‍दी खराब होने वाले माल के परिवहन के लिए किया जाता है। 

इतना ही नहीं, कोलकाता पोर्ट ने निर्यातकों को जरूरत पड़ने पर बंदरगाह शुल्क की लागत पर उपयुक्त छूट सहित हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान रीफर प्लग-इन शुल्क पर भी 15 प्रतिशत की छूट प्रदान करने की पेशकश की गई।

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Edited By: Arijita Sen

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