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न बस, न शिक्षक; जान जोखिम में डाल ट्रैक्टर पर सवार होकर मैट्रिक परीक्षा देने पहुंचे कंधमाल के नौनिहाल

Published: Sat, 21 Feb 2026 07:22 PM (IST)

ओडिशा के कंधमाल जिले में मैट्रिक छात्रों को परीक्षा केंद्र तक ले जाने के लिए स्कूल प्रबंधन ने ट्रैक्टर का ...और पढ़ें

कंधमाल स्थित पीएम श्री स्‍कूल में मैट्रिक की परीक्षा देने जाते छात्र।

कंधमाल स्थित पीएम श्री स्‍कूल में मैट्रिक की परीक्षा देने जाते छात्र।

HighLights

  1. कंधमाल में मैट्रिक छात्रों को ट्रैक्टर से परीक्षा केंद्र भेजा गया।

  2. छात्रों के साथ कोई शिक्षक या कर्मचारी मौजूद नहीं था।

  3. ग्रामीणों ने लापरवाही पर जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर । ओडिशा के कंधमाल जिले से छात्र सुरक्षा को ताक पर रखने वाला एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां कक्षा 10 (मैट्रिक) के छात्रों को परीक्षा केंद्र तक ले जाने के लिए स्कूल प्रबंधन ने परिवहन के सुरक्षित साधनों के बजाय ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया। 
 
घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना कंधमाल जिले के नुआगांव क्षेत्र की है। यहां स्थित पीएम श्री हाई स्कूल के छात्रों का परीक्षा केंद्र कुदुतुली हाई स्कूल में बनाया गया था।
 
 परीक्षा के दिन छात्रों को केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की थी, लेकिन छात्रों को एक खुले ट्रैक्टर में ठूंसकर रवाना कर दिया गया।

बिना किसी निगरानी के जोखिम भरा सफर

इस मामले की गंभीरता को जो बात और बढ़ाती है, वह यह है कि इस यात्रा के दौरान छात्रों के साथ कोई भी गाइड शिक्षक या स्कूल का कर्मचारी मौजूद नहीं था। उबड़-खाबड़ रास्तों और भारी ट्रैफिक के बीच छात्रों को बिना किसी सुरक्षा या निगरानी के ट्रैक्टर पर सवार होने के लिए छोड़ दिया गया। 

ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग

जैसे ही यह वीडियो स्थानीय स्तर पर और सोशल मीडिया पर फैला, ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय निवासियों ने इसे छात्रों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया है। 
 
ग्रामीणों का कहना है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील समय में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्कूल की प्राथमिकता होनी चाहिए थी।खुले ट्रैक्टर पर बच्चों को भेजना न केवल असुरक्षित है, बल्कि यह विभाग की उदासीनता को भी दर्शाता है।

कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

घटना के सार्वजनिक होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। स्थानीय लोगों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, मांग की गई है कि लापरवाही बरतने वाले स्कूल के प्रधानाध्यापक और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।