Weather Update: 44.8 डिग्री तापमान के साथ तपा झारसुगुड़ा, लू के थपेड़ों से जनजीवन हलकान, जलसंकट गहराया
ओडिशा के झारसुगुड़ा में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
लू के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त, दोपहर में बाजार सुनसान।
जल स्रोत सूखने से पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों को परेशानी।
संसू, झारसुगुड़ा। ओडिशा के झारसुगुड़ा में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को झारसुगुड़ा का अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और तापमान 45 डिग्री के करीब दर्ज किया गया। तेज धूप के साथ चल रही लू के कारण लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
दोपहर में पसरा रहता है सन्नाटा, शाम को खुल रहे बाजार
झारसुगुड़ा में गर्मी के कारण दिनचर्या पर असर पड़ रहा है। सुबह 10 बजे के बाद से ही धूप इतनी तीखी हो जाती है कि लोग बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं।
दोपहर के समय शहर के मुख्य बाजार और सड़कें पूरी तरह से सुनसान हो जाती हैं, मानो पूरे शहर में अघोषित कर्फ्यू लगा हो। शाम 4 बजे के बाद, जब धूप का असर थोड़ा कम होता है, तब जाकर बाजारों में हल्की चहल-पहल देखने को मिल रही है।
खनन और औद्योगिक क्षेत्रों में काम प्रभावित
झारसुगुड़ा के आंतरिक खनन (माइनिंग) और औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर है। भारी मशीनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाली गर्मी के कारण तापमान में भारी इजाफा महसूस हो रहा है।
इसका सीधा असर खदानों और औद्योगिक संयंत्रों में काम करने वाले श्रमिकों पर पड़ा है। इससे कार्यस्थलों पर मजदूरों की उपस्थिति में भारी गिरावट आई है।
सूखने लगे जल स्रोत, पानी के लिए मची त्राहि-त्राहि
लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण जिले के पारंपरिक जल स्रोत तेजी से सूख रहे हैं। कई इलाकों में भूजल स्तर नीचे चले जाने से पेयजल का संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों को पीने के पानी के लिए तेज धूप में लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
