संसू, भुवनेश्वर : सन 1969 में स्थापित राज्य के प्रथम होम्योपैथी कॉलेज में अध्यापकों की कमी के कारण पीजी की पढ़ाई बाधित हो रही है। इस कॉलेज में एक मात्र पीजी पाठ्यक्रम के लिए अध्यापक न होने की बात सामने आई है। होम्योपैथी कॉलेज में होम्यो फार्मेसी, आनाटोमी, कम्युनिटी मेडिसीन, मेटेरिया मेडका आदि 12 पाठ्यक्रम में शिक्षादान की व्यवस्था है। होम्योपैथी कॉलेज के लिए 37 अध्यापकों के पद स्वीकृत है मगर मात्र 4 अध्यापकों के भरोसे वर्तमान में शिक्षादान चल रहा है। यहां 300 से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं मगर सरकार के उदासीन रवैये के कारण कॉलेज में पढ़ाई का स्तर लगातार नीचे जाने का आरोप लग रहा है। केवल अध्यापकों की ही कमी नहीं है अपितु होम्योपैथी कॉलेज में सफाई कर्मचारियों का भी अभाव है। इस कारण परिसर में जहां-तहां गंदगी का अंबार देखा जा सकता है। पर्याप्त सुरक्षा कर्मी न होने से प्रतिष्ठित अभिन्न चंद्र होम्योपैथी कॉलेज परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा आम बात हो गई है।

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