भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। मंगलवार को शिक्षा विभाग ने इस वर्ष भी विद्यार्थियों के बिना स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाने का फैसला लिया था। मगर आज यानि बुधवार को विभाग ने फैसला बदलते हुए छात्र-छात्राओं को समारोह में शामिल होने की हरी झंडी दिखा दी है। यानि अब राज्य के स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में छात्र-छात्राएं भी शामिल हो सकते हैं। कोरोना महामारी के दो साल बाद स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने की मंजूरी मिलने के बाद  छात्र-छात्राओं में खुशी का माहौल है।

लोक शिक्षा मंत्री समीर दास से मिली जानकारी के अनुसार, इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शैक्षणिक संस्थानों में होने वाले समारोह में छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। हालांकि कार्यक्रम के दौरान कोविड से जुड़े दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। स्कूल के प्रधानाध्यापक, प्राचार्य इसकी निगरानी करेंगे। इस घोषणा के बाद छात्रों में काफी उत्साह देखा गया।

कोरोना महामारी के चलते पिछले दो साल से बच्चे स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सके थे। दो सालों में केवल शिक्षक ही स्कूल गए और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कोरोना की वैक्सीन जारी होने के बाद इस बार परेड में हिस्सा लेने के लिए बच्चों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि लोक शिक्षा विभाग की ओर से एक दिन पहले मंगलावर को की गई घोषणा में कहा गया कि था कि इस साल बिना छात्रों के स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल शिक्षकों द्वारा मनाया जाएगा। शिक्षा विभाग के इस फैसले का विभिन्न वर्गों ने कड़ी आलोचना की थी।

छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने विभाग से सवाल किया कि अगर बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल जा सकते हैं तो स्वतंत्रता दिवस मनाने में क्या दिक्कत है। ऐसे में आज लोक शिक्षा विभाग ने अपना फैसला बदल दिया और छात्रों को स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने की अनुमति दे दी है।

Edited By: Aditi Choudhary