जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर : अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के युवाओं को अब रोजगार के लिए बाहर राज्य को नहीं जाना पड़ेगा। आज उद्घाटित धर्मपद भवन केवल उन्हें नौकरी पेशे वाला नहीं बनाएगा, बल्कि उन्हें मालिक बनाएगा। धर्मपद भवन पिछड़ा वर्ग, गरीब युवाओं के रोजगार का मूल केंद्र होगा और राज्य के युवा नए ओडिशा का गठन करेंगे। वर्ष 2022 तक नए भारत का गठन होने की बात केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कही है।

गुरुवार को नेशनल एससी-एसटी राज्य सम्मेलन, प्रदर्शनी तथा धर्मपद भवन का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा है कि देश में ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अधिक संख्या में युवा हैं। इन युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में क्रेंद्र सरकार काम कर रही है। पारादीप ऑयल रिफाइनरी उद्घाटन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पारादीप देश का भाग्यदीप बनेगा। पूर्वी भारत की भाग्यलक्ष्मी पारादीप से होकर गुजरेगी। पीएम का यह सपना साकार करने में धर्मपद भवन मील का पत्थर साबित होगा।

इस अवसर पर केंद्रीय आदिवासी व जनजाति मंत्री जुएल ओराम, लघु, सूक्ष्म एवं उद्यम मंत्री गिरिराज ¨सह समेत राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर पीएसइ, बैंक एवं एससीएसटी उद्यमियों की ओर से लगाए गए 60 स्टालों को मंत्रियों ने अवलोकन भी किया।

उल्लेखनीय है कि पूर्वी भारत में राष्ट्रीय लघु शिल्प निगम का सर्ववृहत कार्यालय धर्मपद भवन का उद्घाटन भुवनेश्वर मंचेश्वर इंडस्ट्रीयल इलाके में किया गया है। धर्मपद भवन एकीकृत बाजार विकास केंद्र है। एक लाख 10 हजार वर्गफुट में निर्मित इस भवन में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम, राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण प्रतिष्ठान जैसे विभिन्न संस्थाओं के कार्यालय हैं। ओडिशा में नियुक्ति सृष्टि एवं आत्म नियुक्ति सुयोग को सहायक बनाने में यहां पर पुरुष एवं महिलाओं प्रशिक्षण दिया जाएगा। जनजाति युवा वर्ग की बेकारी दूर करने के उद्देश्य से विभिन्न ट्रेड में कुशल बनाने के लिए एनएसआइसी, राउरकेला स्टील प्लांट एवं राष्ट्रीय जनजाति आíथक विकास निगम के बीच एक करारनामा हस्ताक्षरित किया गया है। इससे ओडिशा में अधिक नियुक्ति के अवसर उत्पन्न होंगे।

Posted By: Jagran