भुवनेश्‍वर, जागरण संवाददाता  बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के प्रभाव से राज्य भर में बारिश हो रही है। ऐसे में लगातार बारिश से जाजपुर जिले में स्थिति अब बिगड़ने लगी है। जिले में प्रवाहित होने वाली खरस्रोता एवं उसकी शाखा नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। परिणामस्वरूप दो पंचायत पानी के घेरे में आ गए हैं। भंउरा एवं बोदुआर मुख्य मार्ग पर पानी बहने लगा है। इससे इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। लोग नाना प्रकार की असुविधा का सामना कर रहे हैं।  

बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए नदी के किनारे बसने वालों कों में भय एवं दहशत का माहौल बन गया है। यहां तक कि रास्ते पर जल जमाव के बीच ट्रैक्टर के ऊपर बैठकर खतरनाक स्थिति में लोग आवागमन कर रहे हैं। स्थानीय लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। जो लोग जरूरी काम से घर से बाहर निकल भी रहे हैं वे अपने जीवन को खतरे में डालकर बाहर निकल रहे हैं। बाढ़ का पानी धीरे धीरे बढ़ने लगा है और इसी के साथ लोगों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी है। 

वहीं दूसरी तरफ नदी बांधों का मरम्मत कार्य खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में नदी किनारे बसने वालो लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया है। भविष्य में यदि तेज बारिश होती है या बाढ़ की स्थिति बनती है तो फिर अनेकों गांवों के जलमग्न होने की सम्भावना बढ़ गई है।

 क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के निदेशक एचआर विश्वास के अनुसार 9 और 10 अगस्त को दक्षिणी ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश होगी। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए राज्य के 17 जिला में मौसम विभाग की तरफ से येलो वार्निग जारी की गई है।

 गौरतलब है कि इससे पहले भी मछुआरों को समुद्र में ना जाने की हिदायत दी गई थी। मौसम विभाग का कहना है कि कम दबाव के प्रभाव से राज्य में मानसून सक्रिय हो गया है। ऐसे में अच्छी बारिश होने की पूरी संभावना है। उल्लेखनीय है कि कम दबाव का प्रभाव राजधानी भुवनेश्वर के साथ तमाम तटीय जिलों में देखा जा रहा है। सोमवार की शाम भी यहां के कई स्‍थानों पर बिजली की गड़गड़ाहट के साथ बारिश हुई। मंगलवार सुबह से ही आसमान बादलों से ढंका रहा और रुक-रुककर बारिश का क्रम जारी रहा। कुछ स्‍थानों पर भारी बारिश होने की भी खबर भी आयी थी। 

मौसम विभाग ने पांच अगस्त को राज्य के बरगढ़, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलुपर, देवगड़ एवं सोनपुर जिले में एक दो जगहों पर भारी से भारी बारिश होने की संभावना जतायी थी। इसके लिए उक्त जिलों के लिए आरेंज चेतावनी जारी की गई थी। नुआपड़ा, बलांगीर, अनुगुल, केंदुझर जिले के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया था। छह अगस्त को अंदरूनी व तटीय जिलों में कम मध्यम बारिश होने की संभावना जतायी गयी थी। सुंदरगढ़, केंदुझर, नवरंगपुर जिले में भारी बारिश होने के मद्देनजर येलो वार्निग जारी की गई थी। उल्लेखनीय है कि बीते एक जून से 3 अगस्त तक पूरे राज्य में 498.9 मिमी. बारिश दर्ज की गई थी जोकि स्वभाविक बारिश 599.7 मिमी. से 17 फीसद कम है। ऐसे में बंगाल की खाड़ी में बना यह कम दबाव का क्षेत्र तथा अगले 10 अगस्त पुन: बनने वाले एक कम दबाव के क्षेत्र से उम्मीद की जा रही है कि राज्य में अब तक हुई कम बारिश की भरपाई हो जाएगी।

 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021