जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते राज्य के विभिन्न जिलों में हो रही भारी बारिश से आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। शहर से लेकर गांव तक चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। शहर की सड़कें मानों नदी बन गई है तो गांव के खेत-खलिहान पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। भद्रक एवं केंद्रापाड़ा जिला में स्थिति ज्यादा खराब होने की सूचना है। खबर के मुताबिक भद्रक जिला के तिहिड़ी ब्लाक अंतर्गत आठ पंचायत बाढ़ के पानी के घेरे में आ गए हैं।

बारिश जारी रहने से यहां स्थिति और गंभीर होती जा रही है। ब्लाक के बारो, बिलणी, तलागोपबिंधा, बोड़क, श्यामसुंदर कांपड़ा, बारसर एवं गोविंदपुर पंचायत पानी के घेरे में हैं। ग्रामीण विकास विभाग के अधीन इन पंचायतों में रास्ते एवं गांव सब जलमग्न हो गए हैं। इससे इन गांव के लोगों को घुटने भर पानी में होकर गुजरना पड़ रहा है। इसके अलावा इस पंचायत में छह हजार हेक्टेयर जमीन में लगी धान की फसल भी डूब गई है। शुक्रवार सुबह कार्यकारी तहसीलदार कैलाश चंद्र महालिक ने बारो, बिलणी आदि पंचायतों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं शुक्रवार सुबह के समय कुछ जगहों पर बारिश थम जाने के बावजूद लोग पानी के घेरे में हैं।

खबर के मुताबिक सानमंग पंचायत के 12, 13 एवं 14 नंबर वार्ड के हरिजन मुहल्ले में बारिश के कारण 300 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। सानमंग सरपंच प्रीतिरंजन राय ने कहा कि उक्त परिवार को पास में स्थित विद्यालय में ठहराया गया है। इसके अलावा कटक में गुरुवार को हुई बारिश में स्थिति बद से बदतर हो गई थी। लोगों के घरों में पानी घुस गया तो कई खाली इलाके मानों तालाब में तब्दील हो गए थे। रास्तों में नाले एवं बारिश का घुटने भर पानी बह रहा था, जिसमें जाने को लोग मजबूर हुए। खासकर कटक सुताहाट, दरघाबाजार साही, सिमेनारी चौक, बादामबाड़ी बस स्टैंड आदि जगहों पर जल जमाव की स्थिति देखी गई है। वहीं मौसम विभाग ने और 24 घंटे तक राज्य में बारिश होने की चेतावनी जारी की है।