भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। बारिश कम होने के बाद विभिन्न नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। ब्राह्मणी, बैतरणी एवं जलका नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जेनापुर में ब्राह्मणी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से आखुआपदा में जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर प्रभावित हो रहा है। यहां पर खतरे का निशान 17.83 मीटर है जबकि नदी 18.34 मीटर पर प्रवाहित हो रही है। वही मथानी में जलका नदी खतरे के निशान के ऊपर प्रवाहित हो रही है। मथानी में जलका नदी का खतरे का निशान 5.50 मीटर है जबकि नदी 6.41 मीटर पर प्रवाहित हो रही है‌। हालांकि काशीनगर में वंशधारा नदी का जलस्तर घट रहा है‌। वहीं दूसरी तरफ ऊपरी हिस्से में बारिश होने से हीराकुद जल भंडार का 6 फाटक खोल दिया गया है। बाएं तरफ के चार फाटक एवं दाहिने तरफ के दो फाटक खोले गए हैं। प्रत्येक सेकंड में डैम के अंदर 2 लाख 10 हजार घनफुट जल प्रवेश कर रहा है। जल भंडार में वर्तमान समय में 627 फुट जल है जबकि जल भंडार की जल धारण क्षमता 630 फुट है‌।

महानदी के ऊपरी हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट

वहीं दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है। यह कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल उत्तर ओडिशा एवं उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय है। कम दबाव के प्रभाव से आगामी 24 घंटे तक ओडिशा के कुछ एक जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश कम हो गई है हालांकि अभी भी महानदी के ऊपरी हिस्से में भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में महानदी के साथ कुछ शाखा नदियों का जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि इससे महानदी में बाढ़ आने की संभावना फिलहाल नहीं है।

गौरतलब है कि पिछले 3 दिन से कम दबाव के प्रभाव से हो रही भीषण बारिश के चलते राजधानी भुवनेश्वर के साथ पुरी, कटक खुर्दा आदि जिलों में आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर पेड़ उखड़ कर घरों पर गिर जाने के कारण धन-जन की भी हानि हुई है। इस बारिश में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अब नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे निचले हिस्से में रहने वाले लोगों के मन में भय का माहौल उत्पन्न हो गया है।

Edited By: Babita Kashyap