संवाद सूत्र, भुवनेश्वर : गुरु केलुचरण महापात्र पुरस्कार उत्सव में भगवान श्रीकृष्ण एवं माता यशोदा के प्रेम को नृत्य के जरिए मंच पर प्रस्तुत किया गया। स्थानीय रवींद्र मंडप में माता रूपी भक्त व पुत्र रूपी भगवान के इस अपूर्व मिलन को प्रख्यात कुचिपुडि़ नृत्यांगना वैजयंती काशी एवं प्रतीक्षा काशी ने मंच पर जीवंत कर दिया। इसके अलावा इस माता-पुत्री की इस जोड़ी ने भगवान नर¨सह व प्रह्लाद प्रसंग प्रस्तुत कर भक्त व भगवान की लीला का अपूर्व संयोग प्रदर्शित किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध गीता-गोविंद की प्रस्तुति हुई। गायक पार्थसारथी पाणिग्राही ने कवि जयदेव विरचित गीत-गोविंद के पदों को सुमधुर कंठस्वर में गा कर उपस्थित श्रोताओं का दिल जीत लिया। गुरु केलुचरण महापात्र पुरस्कार उत्सव में भारतीय विद्याभवन के उपाध्यक्ष एस के तातोतीया सम्मानित अतिथि के तौर पर आमंत्रित थे। इस अवसर पर नृत्य संगीत से जुड़े काफी संख्या में लोग रविंद्र मंडप में उपस्थित थे। सृजन के निदेशक गुरु रतिकांत महापात्र के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय रथ ने किया।

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