भुवनेश्वर, जेएनएन। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर दो अक्टूबर से राज्य में ओडिशा सरकार की अपनी महत्वाकांक्षी खाद्य सुरक्षा योजना शुरू होने जा रही है। ऐसे में इस योजना को सफलता के साथ धरातल पर उतारने के लिए सरकारी स्तर पर विशेष तौर से खाद्य आपूíत एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग ने अपनी कमर कस ली है।

इस योजना के प्रति अपनी तत्परता दिखाते राज्य सरकार ने 10 वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे राज्य का दायित्व बांट दिया है। इतना ही नहीं आगामी 24 अगस्त को विभागीय सचिव वीर विक्रम यादव वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सभी जिलों के मुख्य आपूíत अधिकारी के साथ योजना के संदर्भ में समीक्षा भी करेंगे। खाद्य आपूíत विभाग एवं राज्य खाद्य आपूíत निगम के जिन 10 वरिष्ठ अधिकारियों को 30 जिलों का दायित्व दिया गया है। उनमें अतिरिक्त सचिव ज्योति कुमार लाकरा, निगम के एमडी सरोज कुमार सामल, संयुक्त सचिव विजय कुमार पृष्टि, संयुक्त सचिव शकुंतला ¨वधाणी, संयुक्त सचिव एमक्यू हक, जीएम प्रदीप कुमार गरडिया, जीएम संतोष कुमार दाश, जीएम नरहरि सेठी, संयुक्त सचिव धीरेंद्र कुमार साहू तथा संयुक्त निदेशक अजीत कुमार पात्र शामिल हैं।

ये अधिकारी जिले का दौरा कर ब्लाक एवं शहरी इलाके में योजना के क्रियान्वयन की जांच करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 28 जुलाई को राज्य के लिए विशेष खाद्य सुरक्षा योजना की घोषणा की थी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित रहने वाले गरीब और योग्य हिताधिकारियों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। 25 लाख हिताधिकारियों का चयन कर गांधी जयंती से राशन कार्ड वितरण प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए पूरे राज्य में कई लाख लोगों ने आवेदन किया है। यह प्रक्रिया आगामी 03 सितंबर तक जारी रहेगी। इस तिथि के बाद जो आवेदन करेगा, उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से राशन कार्ड दिया जाएगा।

इस योजना से एक भी गरीब व्यक्ति वंचित नहीं होना चाहिए। ऐसे में इस योजना के अंतर्गत योग्य हिताधिकारियों के चयन पर बल दिया जाए।

- नवीन पटनायक, मुख्यमंत्री

प्रत्येक परिवार को खाद्य सुरक्षा देने का लक्ष्य

प्रदेश में दो अक्टूबर से शुरू होने जा रही राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी खाद्य सुरक्षा योजना को लेकर सरकार काफी गंभीर है। इस संबंध में प्रदेश के खाद्य एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री सूर्य नारायण पात्र ने दैनिक जागरण के साथ बात करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सरकार ने राज्य के प्रत्येक गरीब परिवार को खाद्य सुरक्षा देने के लिए यह कदम उठाया है। इसके तहत प्राथमिक चरण में 25 लाख लोगों को एक रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्रति व्यक्ति को पांच किलो चावल मुहैया किया जाएगा। आगामी दिनों में जरूरत पड़ने पर इस संख्या को बढ़ाया जा सकता है।