भुवनेश्वर, जेएनएन। कुख्यात गैंगेस्टर टीटो उर्फ सैयद उस्मान अली की गिरफ्तारी के बाद उसके आपराधिक साम्राज्य की एक-एक फर्द खुल रही है। केवल रंगदारी वसूलने, टेंडर फिक्सिंग करने, बमबारी करने जैसे मामले का ही वह मास्टरमाइंड नहीं था बल्कि गो तस्करी कारोबार में भी उर्फ टीटो मुख्य भूमिका निभाता था एवं उसकी जड़ केवल हिंदुस्तान के अंदर तक ही नहीं बल्कि बांग्लादेश तक फैली हुई है।

क्राइमब्रांच की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा गिरफ्तार कुख्यात के सहयोगी तमांडो थाना क्षेत्र के कलिंग विहार-4 के प्लाट नंबर 280 निवासी बटकृष्ण पाणीग्राही उर्फ बटु से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। मूलरूप से खुर्दा जिला के बेगुनिया थाना अंतर्गत कुशपल्ला गांव निवासी बटु ने बताया है कि राज्य एवं राज्य के बाहर यहां तक कि देश के बाहर गो तस्करी कारोबार में टीटो की मख्य भूमिका रहती थी। इस कारोबार से होने वाली कमाई का मोटा हिस्सा कुख्यात को मिलता था। टीटो ने इसके लिए पूरे राज्य में अपना नेटवर्क फैला रखा था।

गायों को संग्रह करने से लेकर उन्हे ले जाने वाले ट्रकों को विभिन्न थाना इलाके में एस्कॉर्ट देकर राज्य की सीमा से बाहर पहुंचाने का काम टीटो के गुर्गे कर रहे थे। इसके लिए उसने युवकों को नियुक्त कर रखा था, जिनका नेतृत्व बटु कर रहा था। गो तस्करी करने वालों को सुरक्षा देने के लिए टीटो ने अपने लड़कों को स्कॉर्पियो, इनोवा जैसी गाड़ी एवं माउजर भी मुहैया कर रखी थी। बता दें कि एसटीएफ ने बटु के पास से एक 12 लाख रुपये कीमत वाली बाइक के साथ दो कार एवं बंदूक आदि जब्त किया है। हालांकि एसटीएफ ने अभी तक टीटो के राजनीतिक एवं प्रशासनिक संपर्क का खुलासा नहीं किया है।

लोगों का मानना है कि इतना बड़ा काम बिना किसी राजनीतिक एवं प्रशासनिक संपर्क के नहीं हो सकते हैं। फिलहाल एसटीएफ उससे बचती नजर आ रही है। लोगों का मानना है कि एसटीएफ राजनीतिक दबाव में ऐसा कर रही है। कोट बटु पिछले आठ साल से यह कारोबार सम्भाल रहा था। बटु के नाम पर भी हत्या, टेंडर फि¨क्सग, बमबारी जैसे संगीन मामले दर्ज हैं।

हिमांशु लाल, डीआइजी, एसटीएफ