भुवनेश्वर, जेएनएन। पूर्व प्रधानमंत्री के निधन के बाद पूरे देश के साथ ओडिशा में भी जगह-जगह पार्टी व संगठन से ऊपर उठकर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। राजधानी भुवनेश्वर एवं सांस्कृतिक नगरी कटक के साथ पूरे राज्य में लोगों ने पार्टी व संगठन से ऊपर उठकर व्यक्तिगत रूप से शुक्रवार को उन्हें याद किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

महान जननायक अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद कटक में आयोजित शोक सभा में भाजपा नेता समीर दे, प्रदीप्त कुमार स्वाई, नयन किशोर महांती आदि के साथ तमाम लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पण कर श्रद्धांजलि दी। जानकारी के अनुसार 1968 में अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार कटक आए थे। उस समय भारतीय जनता पार्टी, भारतीय जनसंघ के नाम से नामित थी। बालीयात्रा मैदान में आयोजित सभा में वह शामिल होकर ओडिशा एवं कटक के बारे में कई बातें कही।

भारतीय जनसंघ के ओडिशा शाखा के उपाध्यक्ष क्षेत्रमोहन स्वांई के घर में वह भोजन कर सर्किट हाउस में रात गुजारी। 1980 में भारतीय जनसंघ भारतीय जनता पार्टी में तब्दील हो गई और 1992 में वह एक बार फिर कटक आए। उस समय उनका भाषण ओडिशा के लोगों के दिल को छू गया था। इसके बाद पुन: 2000 में वाजपेयी को कटक के चुनावी सभा में देखा गया था। उस समय भाजपा-बीजद के बीच गठबंधन था। वाजपेयी के भाषण का परिणाम यह था कि आठगड़ विधानसभा सीट से जानकी बल्लभ पटनायक चुनाव हार गए थे।