जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर : राज्य के अलग अलग हिस्सों में हो रही बारिश के चलते भद्रक, केंद्रापाड़ा व जाजपुर में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है।

भद्रक जिला के चांदबाली ब्लाक ओलग, सुंदरपुर, आरड़ी, नांदपुर, धामनगर ब्लाक के पालसाही, रइपुर, तिहिड़ी ब्लाक के श्यामसुंदरपुर आदि पंचायतों के सभी गांव बाढ़ के पानी में जलमग्न हो गए हैं। ओलग पंचायत साठीबाकुड़ा एवं बोडक के पास कुआखिया-सातभाया 20 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते पर करीबन दो फीट बाढ़ का पानी बह रहा है। इससे आरड़ी-जाजपुर के बीच आवागमन ठप हो गया है। उसी तरह बाढ़ का पानी आरड़ी-चांदबाली रास्ते के नए घोषरा में करीब चार फीट पानी बह रहा है, जिससे इस रास्ते पर भी आवागमन बंद हो गया है। आरड़ी-धानखणिया रास्ता कुछ जगहों पर पानी डूबे होने से आवागमन बाधित हुआ है। इसके साथ ही बैतरणी नदी के तट पर बांध में कुछ जगहों पर घाई (गड्ढा) बनने की संभावना से लोग सहमे हुए हैं। पालसाही पंचायत तोटासाही, गड़गड़ी में बांध कमजोर हो गया है, जिस टूट जाने की आशंका ने लोगों के साथ प्रशासन की नींद गायब कर दी है।

वहीं, केंद्रापाड़ा जिला में भी स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। यहां पर आठ पंचायत के 30 गांव प्रभावित हुए हैं। हालांकि बारिश की मात्रा कम होने से लोगों को थोड़ा संतोष जरूर हुआ है, मगर बैतरणी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से इसकी शाखा नदी दुधेई नदी में बाढ़ का पानी आ जाने से अंगालो, अन्नासपुर, कलामाटिया, उदयनाथपुर, रतलांग, बरी, बालीबिल, रम्भा पंचायत के लोग प्रभावित हुए हैं। बरी-कलामाटिया रास्ते पर साईं मंदिर के पास तीन फीट पानी बहने से यातायात इस रास्ते पर ठप हो गया है। वहीं खरस्त्रोता नदी की शाखा तंतीघाई में पानी बढ़ने से बरी इलाके में भी बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है।

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