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हाथियों की आवाजाही से एलेप्पी और भुवनेश्वर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें प्रभावित, चक्रधरपुर मंडल में रफ्तार पर ब्रेक

Published: Thu, 29 Oct 2026 01:53 PM (IST)

दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कुछ मार्गों पर ट्रेनों की ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हाथियों की सुरक्षित आवाजाही हेतु ट्रेनों की गति नियंत्रित।

  2. नुआगांव में 25 हाथियों का झुंड फसलें नष्ट कर रहा।

  3. ग्रामीणों ने वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग की।

जागरण संवाददाता, राउरकेला। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल ने हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कुछ मार्गों पर ट्रेनों की गति को नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया था। बंडामुंडा पी/केबिन से ए/केबिन के बीच एलिफेंट जोन कॉशन ऑर्डर लागू किया गया है, जिसके तहत 29 अक्टूबर 2026 को रात 02:10 बजे से सुबह 07:00 बजे तक गति सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।

इस मार्ग पर प्रभावित होने वाली ट्रेनों में ट्रेन संख्या 12129 (आज़ाद हिंद एक्सप्रेस), 13352 (एलेप्पी-धनबाद एक्सप्रेस), 18190 (एर्नाकुलम-टाटानगर एक्सप्रेस), 20821 (पुणे-सांतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस) और 17433 (तिरुपति - रक्सौल साप्ताहिक एक्सप्रेस ) शामिल हैं।

इसी तरह, ए/केबिन बंडामुंडा से बांगुरकेला के बीच पूरे सेक्शन में भी कॉशन ऑर्डर लगाया गया है, जहां 28 अक्टूबर 2026 की रात 20:45 बजे से 29 अक्टूबर 2026 की सुबह 07:00 बजे तक गति सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटा रही।

इस मार्ग पर प्रभावित होने वाली ट्रेनों में 13352 (एलेप्पी-धनबाद एक्सप्रेस) के साथ-साथ ट्रेन संख्या 18523 (विशाखापत्तनम - बनारस एक्सप्रेस) , 18404 (धनबाद - भुवनेश्वर एक्सप्रेस) , 03253 (पटना - चर्लापल्ली स्पेशल), 22358 (गया - मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस) और 18641 (हटिया - दुर्ग एक्सप्रेस) शामिल हैं।

25 हाथियों के झुंड ने उड़ाई नुआगांव क्षेत्र के ग्रामीणों की नींद

सुंदरगढ़ जिले के नुआगांव क्षेत्र में हाथियों के उत्पात से ग्रामीण परेशान हैं। कुआरमुंडा वन क्षेत्र के नुआगांव ब्लॉक के अंकुरपाली, केमांग, कर्माबहाल, कदलीबहाल और मेनमेना समेत कई गांवों में हाथी फसलें नष्ट कर रहे हैं। दिन में जंगल में रहने वाला 25 हाथियों का झुंड शाम होते ही गांवों की ओर आता है। कर्माबहाल के पास बिरुआ जंगल में मौजूद इस झुंड में नौ शावक भी हैं।

हाथियों के गांवों में आने की आशंका से ग्रामीण रात दहशत में गुजार रहे हैं। धान और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान हुआ है। अंकुरपाली जंगल में एक अकेला दंतैल हाथी भी उत्पात मचा रहा है।

पिछले चार दिनों से गांव के आसपास घूम रहा यह हाथी शाम को अंकुरपाली में घुसता है। ग्रामीणों के अनुसार, आग की मशाल दिखाने पर भी वह नहीं हटता। हाथी ने करीब चार से पांच एकड़ जमीन की फसल रौंदकर नष्ट कर दी है।

उसकी मौजूदगी के कारण ग्रामीण दिन में भी जंगल जाने से डर रहे हैं। वन विभाग के हाथियों को खदेड़ने के प्रयास सफल नहीं हुए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करेंगे।