भुवनेश्वर, जेएनएन। जंगल नष्ट होने के चलते हाथियों का झुंड अक्सर जनबस्ती इलाकों में घुस आता है। ऐसे में इन जंगली हाथियों एवं मानव केबीच लड़ाई होनी आम बात है। कभी हथियों के हमले में मनुष्यों की जान जाती है तो कभी मनुष्यों के हमले में हाथियों की जान जाती है। 2017-18 आर्थिक साल में फरवरी महीने तक राज्य में हाथी हमले में 82 मनुष्यों की जान गई और 53 लोग घायल हुए हैं।

इसके साथ ही राज्य में 1119 घरों को हाथियों ने तोड़ दिया। वहीं पूरे राज्य में 23 पशुओं की मौत हुई है। करीबन 5 हजार 402 एकड़ फसल नष्ट हुई है। यह जानकारी बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान वन विभाग के मंत्री विजयश्री राउतराय ने दी है। हाथी हमले में 2015-16 आर्थिक साल में 89 एवं 2016-17 आर्थिक साल में 66 लोगों की मौत हुई है।

वहीं दूसरी तरफ पिछले चार साल में 11 हाथियों को शिकार हुआ है। हालांकि इस साल अबतक दो हाथियों का शिकार हुआ है। उसी तरह 2014-15 आर्थिक साल से 2018 के फरवरी महीने के बीच एक बाघ व चिता 10 तथा 119 हिरण का शिकार हुआ है। उन्होंन कहा कि यह बहुत ही चिंतन-मंथन का विषय है। अगर इसे रोका नहीं गया तो आगे बहुत बड़ी समस्या हो सकती है। 

Posted By: Babita

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