भुवनेश्वर, एनएनआइ। ओडिशा में चक्रवाती तूफान फणि की तबाही के बाद केंद्र सरकार की एक टीम तीन दिन की जायजा लेने के लिए पहुंचेगी। साथ ही ये टीम राज्य सरकार के साथ बैठक करेगी। बता दें की फणि के चलते ओडिशा में मरने वालों की संख्या 64 हो गई है। जिसमें से  पुरी में 39, केंद्रपाड़ा में 3, मयूरभंज में 4, जाजपुर में 3, कटक में 6, खोरधा में 9 लोग मर गए है। 

गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात फणि ने ओडिशा के पुरी में 245 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तांडव मचाया। इसके कारण कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। इस बीच राज्य के तटीय क्षेत्र से लगातार बारिश हुई जिस कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस दौरान लगभग 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया था। फणि ने सिर्फ ओडिशा में ही अपना कहर नहीं बरपाया बल्कि पश्चिम बंगाल में भी इनसे तबाही मचाई। हालांकि इसका सबसे ज्यादा असर ओडिशा में ही रहा। 

फणि पिछले 52 वर्षों में मई में भारत से टकराने वाला दसवां चक्रवात था। इससे पहले 1968, 1976, 1979, 1982, 1997, 1999 और 2001 की मई में इस तरह के चक्रवात देखे गए थे। आमतौर पर खतरनाक चक्रवात भारत के पूर्वी तट पर मानसून के मौसम (अक्टूबर-दिसंबर) में आते हैं। 1965 और 2017 के बीच के 52 वर्षों में देश में 39 अत्यंत खतरनाक चक्रवात आए।

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Posted By: Ayushi Tyagi

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