भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव की वजह से शुरू हुआ चक्रवात 'गुलाब' के लैंडफाल की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रविवार शाम लगभग छह बजे तूफान ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से 25 किलोमीटर दूर उत्तर दिशा में तट से टकराया। हालांकि इसकी रफ्तार उतनी तेज नहीं है, जितनी आशंका थी। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में चक्रवात की चपेट में आने तो दो मछुआरों की मौत हो गई, जबकि एक लापता है। भुवनेश्वर क्षेत्रीय मौसम विभाग के अनुसार ओडिशा के दक्षिणी भाग में स्थित सात जिलों गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, कंधमाल, मलकानगिरी व नयागढ़ में इसका ज्यादा रहेगा। इन जिलों में पहले से ही रेड अलर्ट जारी है। इसके अलावा अन्य चार जिलों में आरेंज और 19 जिलों में यलो अलर्ट जारी है। रविवार शाम से गंजाम और गजपति जिले में भारी से भारी बारिश हुई। अन्य जिलों मे हल्की बारिश हुई। रविवार शाम ओडिशा के इलाकों में तूफान की गति 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। आशंका है कि तूफान की रफ्तार 75 से 85 किमी. प्रति घंटे तक पहुंची सकती है।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अधिकारियों को दिए निर्देश

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रभावित जिलों में रहने वाले लोगों तथा बाढ़ प्रभावित होने वाले लोगों तथा भूस्खलन वाले इलाके के लोगों को युद्ध स्तर पर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आश्रय स्थलों में व्यवस्था करने तथा कोविड नियमों का अनुपालन करने के भी निर्देश दिए। विशेष राहत आयुक्त प्रदीप जेना ने कहा है कि प्रभावित जिलों से 16 हजार लोगों को स्थानांतिरत किया गया है। सात जिलों के लिए रेड अलर्ट, चार जिलों के लिए आरेंज अलर्ट और 19 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी है। तूफान प्रभावित जिलों में बचाव के लिए ओड्राफ (ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स) की 42 और एनडीआरएफ की 24 टीमें भेजी गई हैं। जिन सात जिलों में रेड एलर्ट जारी है उनमें गंजाम, गजपति, कंधमाल, रायगड़ा, नवरंगपुर, कोरापुट, मालकानगिरी जिला शामिल है। आरेंज अलर्ट वाले चार जिलों में पुरी, खुर्दा, नयागढ़, कालाहांडी जिले शामिल हैं। इसके अलावा यलो अलर्ट वाले 19 जिलों में बालेश्वर, भद्रक, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कटक, बौद्ध, सुवर्णपुर, बलांगीर एवं नुआपड़ा शामिल हैं। इनमें गजपति और गंजाम सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।बनाए गए आश्रय स्थलप्रभावित जिलों में 42 ओड्राफ टीम, 24 एनडीआरएफ, 103 दमकल वाहिनी की टीम तैनात की गई है। बाढ़ आश्रय स्थलों पर मास्क एवं सैनिटाइजर की व्यवस्था करने के साथ ही शारीरिक दूरी के पालन पर भी जोर दिया गया है। लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है।

गुलाब के बाद आएगा शाहीन

विश्व मौसम विज्ञान संगठन नियमित रूप से तूफान व मौसम संबंधी गतिविधियों का अध्ययन करता रहता है। तूफानों का नामकरण भी उसी के निर्देशन में होता है। इस बार के चक्रवात को पाकिस्तान ने गुलाब नाम दिया है। वैसे वास्तविक नाम गुल-आब है। संयुक्त राष्ट्र की इकोनामिक एंड सोशल कमीशन फार एशिया एंड पैसिफिक (ईस्कैप) पैनल के 13 सदस्य देश भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, मालदीव, ओमान, श्रीलंका, थाईलैंड, ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन हैं। इनमें प्रत्येक देश को उसके नाम के पहले अक्षर के अल्फाबेटिकल क्रम के आधार पर अगले चक्रवात का नाम रखने की जिम्मेदारी दी गई है। तूफान आने से पहले ही संबंधित देश की ओर से उसका नामकरण कर दिया जाता है। हाल के दिनों में 'ताउते' नाम म्यांमार ने दिया था। उसके बाद ओमान ने अगले तूफान को 'यास' दिया था। अब पाकिस्तान ने गुलाब नाम दिया है। पाकिस्तान के बाद अगली बारी कतर की है। कतर ने अगले तूफान का नाम 'शाहीन' रखा है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra