जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर : विगत तीन मई को आए चक्रवात फणि ने ओडिशा में 1.52 लाख हेक्टेयर फसल को पूरी तरह से उजाड़ कर रख दिया है। इसमें 36,898 हेक्टेयर फसल जल सिंचाई वाले क्षेत्र एवं 72786 बिना जल सिंचाई वाले क्षेत्र की है। चक्रवात फणि से 1 लाख 21 हजार 961 हेक्टेयर जमीन में खड़ी फसल को 33 फीसद से कम नुकसान हुआ है। इसके अलावा नारियल, आम, केला, काजू तथा अन्य साल भर होने वाली 12 हजार 777 हेक्टेयर फसल नष्ट हुई है। कृषि तथा राजस्व विभाग की तरफ से किए गए संयुक्त प्राथमिक आकलन रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।

रिपोर्ट के मुताबिक बिजली व्यवस्था में सुधार आ रहा है पुरी एवं खुर्दा जिला में बिजली आपूर्ति के लिए प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। 12 मई तक भुवनेश्वर के सभी क्षेत्रों में शत फीसद बिजली आपूर्ति कर दी जाएगी। यह आश्वासन बिजली विभाग की तरफ से दिया गया है। हालाकि पुरी जिला में बिजली सेवा बुरी तरह से बाधित हुई है, ऐसे में वहां बिजली सेवा को बहाल करने में काफी समय लगेगा। 12 मई तक पुरी के बड़दांड एवं अस्पताल में बिजली सेवा बहाल कर दिए जाने की जानकारी जनसंपर्क विभाग के सचिव संजय सिंह ने दी है।

पुरी में बिजली सुधार के लिए 175 टीम काम कर रही है जबकि खुर्दा में सौ टीम को विद्युतापूर्ति बहाल करने का जिम्मा सौंपा गया है। एक टीम में 10 कर्मचारी एवं एक अधिकारी को नियुक्त किया गया है। इनके अलावा पॉलीटेक्निक छात्रों को भी बिजली सुधार के लिए नियुक्त किया गया है। पुरी में 239 बैंक शाखा में से 60 बैंक शाखा काम कर रही है। 273 एटीएम में से 20 में रकम की निकासी शुरू हो गई है। कटक में 422 बैंक शाखा में से 260 तथा 593 एटीएम में से 162 एटीएम काम कर रहे हैं। इसी तरह खुर्दा में 707 बैंक में से 72 में काम शुरू हो गया है जबकि 1164 एटीएम में से 197 एटीएम काम कर रहे हैं। जगतसिंहपुर जिला में 178 बैंक में से 123 शाखाएं काम कर रहे हैं तथा 196 एटीएम में से 112 एटीएम चल रहे हैं। केंद्रपाड़ा जिला में 144 बैंक शाखा में से 113 बैंक शाखा काम कर रहे हैं जबकि 169 एटीएम में से 105 एटीएम चालू है। इंटरनेट सेवा बहाल ना होने के बावजूद सभी बैंकों को खुला रखने के लिए सरकार का निर्देश है। बीमा कंपनियों को नुकसान का तुरंत आकलन करने के लिए निर्देश दिया गया है। राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक बुलाने के लिए भी मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने निर्देश दिया है। चक्रवात फणि के कारण टेलीकॉम सेवा बुरी तरह से बाधित हुई है। वर्तमान में 4543 बीटीएस साइट से 1450 काम कर रहे हैं इससे नेटवर्क सेवा बुरी तरह से बाधित हुई है। ग्रामीण इलाकों में 2364 पेयजल प्रोजेक्ट नष्ट हुए हैं। इसमें से 1550 प्रोजेक्ट को ठीक कर दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में पेयजलापूर्ति के लिए 741 टैंकर नियोजित किए गए हैं। इसके लिए 300 डीजी सेट लगाए गए हैं। आगामी 1 सप्ताह के अंदर ग्रामीण इलाकों में पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह से सुधार लेने का लक्ष्य रखा गया है। चक्रवात से विशेष रूप से प्रभावित पुरी, खुर्दा, कटक जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा जिला में 703 मेडिकल टीम काम कर रही है। चक्रवात के दौरान 371 महिलाएं अस्पताल में प्रसव की है। 1054 घायलों का इलाज किए जाने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दी गई है।

Posted By: Jagran

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