जेएनएन, भुवनेश्वर/बालेश्वर

ओडिशा में फणि तूफान के गुजर जाने के पांच दिन बाद भी राज्य के कई प्रभावित इलाकों में बिजली, पानी और दूरसंचार व्यवस्था पूरी तरह ठप है। साथ ही लोगों के सामने भोजन और पीने पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इसे लेकर चारों ओर हाहाकार की स्थिति पैदा हो गई है। इन सबके बीच मुनाफाखोरों की चांदी हो गई है। हालत यह है कि यहां हर चीज दोगुने दाम पर मिल रही है। इधर, मंगलवार से राज्य में प्रभावित लोगों को राज्य सरकार की ओर से राहत सामग्री का वितरण शुरू कर दिया। राशन कार्ड धारी पीड़ितों को 20 हजार रुपया, 50 किलो चावल और प्लास्टिक का तिरपाल बांटा जा रहा है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने स्वयं मंगलवार को पुरी में इसकी शुरुआत की। भुवनेश्वर, केंद्रपाड़ा, कटक और जगतसिंहपुर में भी राहत सामग्री बांटने का कार्यक्रम युद्धस्तर पर शुरू किया गया है। सरकार ने इसे तीन दिन में समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्य में किसी गड़बड़ी से बचने के लिए जिला प्रशासन को सतर्क किया है।

तूफान प्रभावित अधिकांश इलाकों में बिजली का संकट जस का तस बना हुआ है। जगह जगह बिजली के खंभों के उखड़ जाने और तारों के टूट जाने से समस्या विकराल हो गई है। अभी राजधानी समेत कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। इससे दूरसंचार सेवा भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। बैंकों के एटीएम पूरी तरह से खाली हो चुके हैं। लोगों के सामने नकदी की भी समस्या खड़ी हो गई है। वहीं ट्रेन सेवा में भी अभी पूरी तरह सुधार नहीं हुआ है। कुछ स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रहीं हैं। जिनमें यात्रियों की बड़ी भीड़ देखी जा रही है। भुवनेश्वर और पुरी रेलवे स्टेशन की हालत सुधारने का काम तेजी से चल रहा है। पुरी रेलवे स्टेशन फिलहाल तीन दिन और बंद रहेगा।

राहत सामग्री बांटने में भी हो रही परेशानी, हंगामा

फणि तूफान के बाद खाद्य सामग्री हासिल करने के लिए लोगों काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच लोगों को लंबी कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। वहीं जिला प्रशासन को राहत सामग्री बाटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तूफान से लोग इस तरह टूट चुके हैं कि जैसे ही राहत सामग्री बाटे जाने का सूचना मिलती है भीड़ जुट जाती है। साथ ही पहले पाने के लिए एक दूसरे से भिड़ने में भी संकोच नहीं कर रहे। लोगों में राहत सामग्री वितरित करने में विलंब और सही ढंग से न बांटे जाने को लेकर भी गहरा असंतोष है।

नाराज लोगों ने पुरी कोणार्क राजपथ किया जाम

पुरी में नाराज लोगों ने मंगलवार को पुरी कोणार्क राजपथ पर जाम लगा दिया। इससे इस मार्ग पर कई घटे तक रास्ता अवरुद्ध रहा। रास्ते के दोनों और से गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई। प्रशासन की ओर से काफी मान मनौव्वल और सही समय पर लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने का आश्वासन मिलने के बाद लोगो रास्ता अवरोध समाप्त कर दिया। वहीं, दूसरी ओर यातायात को लेकर लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहा तक कि एंबुलेंस और एनडीआरएफ की टीमों में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने की ताजा स्थिति की समीक्षा

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक कर ताजा हालात और राहत सामग्री के वितरण कार्य की समीक्षा की। सबसे ज्यादा प्रभावित तीन जिलों में पीने का पानी स्वास्थ्य और खाद्य सामग्री की उपलब्धता और लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर विचार विमर्श किया। केंद्रपाड़ा में तीन दिन के भीतर बिजली तथा जगतसिंहपुर में सात दिन के भीतर बिजली व्यवस्था सुधारने का मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है। गत शुक्रवार को आए फणि तूफान पांच दिन बीत जाने के बाद ही भुवनेश्वर, कटक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर व पुरी समेत करीब 11 जिलों में जनजीवन सामान्य होने में अब भी लंबा समय लग सकता है।

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Posted By: Jagran

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