जासं, भुवनेश्वर : फणि चक्रवात का कहर ओडिशा पर विगत तीन मई को टूटा था। इससे राज्य के 14 जिले और 1.65 करोड़ लोग प्रभावित हुए थे। भारी संख्या में जन धन की हानि हुई थी। मंगलवार को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस चक्रवात से हुए नुकसान की रिपोर्ट पेश की। इसमें फणि चक्रवात से 24,176 करोड़ रुपये का कुल नुकसान होने की बात सामने आयी है। इस रिपोर्ट को विश्व बैंक, एशियन डेवलेपमेंट बैंक, संयुक्त राष्ट्रसंघ के विशेषज्ञ, राज्य सरकार के विभिन्न विभाग के अधिकारी तथा स्थानीय गैरसरकारी संगठन व अन्य 100 से अधिक विशेषज्ञों ने तैयार किया है। विशेषज्ञों ने राज्य सरकार के विभिन्न विभाग में उपलब्ध नुकसान के तथ्यों को विश्लेषण करने समेत ज्यादा प्रभावित जिलों का दौरा कर यह रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट के विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चक्रवात फणि के कहर के बाद राज्य सरकार केंद्र सरकार, एशियन डेवलेपमेंट बैंक, संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक के सहयोग से आकलन व पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह आकलन बीस दिन में सबके और सरकारी विभागों के सहयोग से किया गया। आधारभूत ढांचा पर कुल आकलन 42 फीसद व्यय किया जा सकता है। आवास, जीवनयापन और आधारभूत तीन सेक्टरों पर काम की आवश्यकता है। फणि चक्रवात के महीने भर बाद विशेष राहत आयुक्त ने रिपोर्ट जारी करके कहा था कि करीब साढ़े नौ हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। बताया था कि 6,643.63 करोड़ की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान तथा प्रभावित लोगों की मदद के लिए 2,692.63 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा कोष से 5,227.68 करोड़ की मांग करते हुए अपने कोष से 1,535.14 करोड़ रुपये विभागों को आवंटित किया था ताकि फौरीतौर पर काम शुरू हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रिपोर्ट नुकसान वाले क्षेत्रों के आकलन व पुन: कार्य शुरू करने में मदद करेगी। उन्होंने इंटनेशनल एजेंसी, एनजीओ, सिविल सोसाइटी सहित निजी क्षेत्र को ओडिशा के पुनर्निर्माण में सहयोग के लिए आमंत्रित किया है।

इस दौरान संयुक्त राष्ट्र संघ के भारत में प्रतिनिधि रोनाटा लोक डेसालीएन, मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पाढ़ी, विकास आयुक्त असीत त्रिपाठी के साथ विभिन्न विभाग के सचिव, विश्व बैंक, एशियन डेवलेपमेंट बैंक, यूएनडीपी एवं अन्य प्रमुख संस्थानों के पदाधिकारी उपस्थित थे। विशेष राहत आयुक्त विष्णु सेठी ने कार्यक्रम का संचालन किया।

Posted By: Jagran

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