जासं, भुवनेश्वर : चक्रवात बुलबुल के प्रभाव से राज्य में फसल को काफी नुकसान हुआ। बालेश्वर, भद्रक, केन्द्रापड़ा, जगतसिंहपुर, जाजपुर एवं मयूरभंज जिले प्रभावित हुए हैं। प्राथमिक आकलन के अनुसार, इन जिलों में करीब 3 लाख हेक्टेयर जमीन में फसल नष्ट हुई हैं। इसमें से 2 लाख हेक्टेयर जमीन में फसल सामान्य से अधिक अर्थात 33 फीसद बर्बाद हुई है। चक्रवात से तीन लोगों के मरने की भी खबर है। हालांकि प्राथमिक जांच से पता चला है कि दो लोगों की मौत चक्रवात बुलबुल के प्रभाव से नहीं हुई है अन्य एक व्यक्ति की मौत के संदर्भ अभी जांच चलने की बात विशेष राहत आयुक्त प्रदीप जेना ने कही है। प्रभावित जिलों के जिलाधीश एवं कृषि अधिकारियों को पांच दिन के अंदर नुकसान का संपूर्ण आकलन कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। चक्रवात के प्रभाव से राज्य के तटीय क्षेत्र में भारी संख्या में पेड़ ढह गए है, जिन्हें हटाया जा रहा है। इसके अलावा हजारों लोगों के छप्पर उड़ गए हैं। तटवर्ती क्षेत्र से ढाई हजार परिवारों को सुरक्षित स्थानों पहुंचाया गया था। राज्य सरकार ने केंद्र से क्षति आकलन के लिए टीम भेजने को कहा है। केंद्र सरकार के गृहमंत्रालय को प्रारंभिक रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार भारी संख्या में घरगिरी की घटनाएं हुईं तथा 870 पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं। मोबाइल टावरों के भी क्षतिग्रस्त होने की खबर है। बिजली बहाली और सड़क मार्ग सफाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। पुलिस महानिदेशक और महानिदेशक फायर सर्विस राहत एवं बचाव कार्य पर नजर रखे हैं। प्रभावित जिलों में जनजीवन सामान्य होने लगा है। करीब 900 फायर सर्विस जवानों, 18 विशेषज्ञ टीम तथा 66 रेस्क्यू टीमों को सक्रिय किया गया है। सौ पावर कटर, 168 टावर लाइट, 63 पावर बोट तथा 135 डी-वाटरिग पंप लेकर कर्मचारी जुटे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को इन जिलों का प्रभारी बनाकर लगाया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन समेत अन्य कार्यो की मॉनीटरिग के लिए कंट्रोल रूप स्थापित किया गया है।

Posted By: Jagran

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