विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'अर्णव' का रौद्र रूप: 135km/H की रफ्तार से बढ़ रहा चक्रवाती तूफान, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट  

Published: Tue, 27 Oct 2026 09:24 AM (IST)

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान Arnav अति भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है, जिसके चलते आंध्र प्रदेश ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. अर्णव अति भीषण चक्रवाती तूफान में हुआ तब्दील।

  2. आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के लिए रेड अलर्ट।

  3. ओडिशा के सात जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अर्णव लगातार शक्तिशाली होता जा रहा है। यह अति भीषण चक्रवाती तूफान (वेरी सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म) में तब्दील हो गया है।

तूफान की गंभीरता को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी दी है। सोमवार रात से बारिश और तेज हवाओं का असर बढ़ने की संभावना है। मंगलवार सुबह से रात तक दक्षिण ओडिशा में चक्रवात का प्रभाव सबसे अधिक रहने का पूर्वानुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्णव फिलहाल गोपालपुर से लगभग 380 किलोमीटर दक्षिण और विशाखापत्तनम से 300 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है। यह 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।

समुद्र में तूफान के दौरान हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है, जबकि झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की जा रही है। विशाखापत्तनम के मौसम रडार पर चक्रवात की आंख भी दिखाई दे रही है, जो इसकी तीव्रता का संकेत है।

आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका

पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार सुबह तक चक्रवात आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच के क्षेत्र से गुजरते हुए स्थलभाग को पार कर सकता है।

इस दौरान हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने तथा झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के साथ दक्षिण ओडिशा में भी तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। तटीय इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है और कई स्थानों पर बारिश शुरू हो गई है।

दक्षिण ओडिशा में अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी

चक्रवात के प्रभाव से सोमवार को दक्षिण ओडिशा में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मंगलवार को दक्षिण ओडिशा के कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है।

वहीं, तटीय और उत्तरी ओडिशा में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 29 अक्टूबर को आंतरिक ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश में 27 और 28 अक्टूबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भी चक्रवात के प्रभाव से भारी बारिश हो सकती है।

लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

सात जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद

चक्रवात से उत्पन्न संभावित स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एहतियात के तौर पर गंजाम, रायगड़ा, नबरंगपुर, मलकानगिरि, गजपति, कोरापुट और पुरी जिले में 29 अक्टूबर तक स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया गया है। गंजाम जिले में स्कूलों की छुट्टी 30 अक्टूबर तक घोषित की गई है।

प्रभावित होने की आशंका वाले जिलों में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अग्निशमन विभाग की टीमों को तैनात किया गया है। आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं।

आज रात से बढ़ेगा प्रकोप, तीन दिन सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार रात से बारिश और हवा की गति में तेजी आ सकती है। मंगलवार सुबह से रात तक दक्षिण ओडिशा में चक्रवात का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है।

इसके बाद भी बारिश का सिलसिला थमने के आसार नहीं हैं और 29 अक्टूबर को आंतरिक ओडिशा में भारी वर्षा हो सकती है। राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में एहतियाती कदम उठाए हैं। चक्रवात की दिशा और तीव्रता पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है।

यह भी पढ़ें- साइक्लोन 'अर्नब' का खतरा: आंध्र-ओडिशा में 60 से अधिक ट्रेनें रद, 140 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं