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चक्रवात 'अर्णव' का पुरी में दिखने लगा असर: मूसलाधार बारिश से जगन्नाथ मंदिर मार्ग पर पानी भरा

Published: Tue, 27 Oct 2026 01:39 PM (IST)

अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्णव' अगले 24 घंटों में आंध्र प्रदेश के तट से टकराने वाला है, जिससे ओडिशा के ...और पढ़ें

जगन्नाथ मंदिर मार्ग पर जलभराव (एआई जेनरेटेड तस्वीर )

जगन्नाथ मंदिर मार्ग पर जलभराव (एआई जेनरेटेड तस्वीर )

HighLights

  1. अर्णव चक्रवात 24 घंटे में आंध्र तट से टकराएगा।

  2. ओडिशा के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी।

  3. पुरी में जलभराव से जगन्नाथ मंदिर मार्ग प्रभावित।

डिजिटल डेस्क, भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में उठा अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्णव' तेजी से भारत के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह तूफान अगले 24 घंटों के भीतर आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस तूफान के असर से ओडिशा के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो चुकी है।

तूफान की स्थिति और रफ्तार 

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, 'अर्णव' पिछले छह घंटों के दौरान 22 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा है। मंगलवार सुबह यह विशाखापत्तनम से लगभग 260 किमी दक्षिण-पूर्व में केंद्रित था। 

अनुमान है कि यह तूफान 27 अक्टूबर की शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके बाद उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़कर 28 अक्टूबर की दोपहर से पहले आंध्र प्रदेश में यानम के निकट, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराएगा (लैंडफॉल करेगा)। 

तट से टकराते समय हवा की गति 115 से 125 किमी प्रति घंटा रहने और इसके झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है।

खतरे को देखते हुए जिलों में अलर्ट जारी

ओडिशा के छह जिलों—पुरी, गजपति, गंजाम, रायगडा, कोरापुट और मलकानगिरी में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। इन इलाकों में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा खुर्दा, कटक, बालासोर, भद्रक और मयूरभंज समेत 16 अन्य जिलों में 'येलो अलर्ट' दिया गया है, जहां 7 से 11 सेमी बारिश का अनुमान है।

प्रशासन की तैयारी और असर तूफान के चलते पुरी जिले में भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया है, जिससे प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हो रही है। 

प्रशासन पूरी तरह सतर्क

ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील व निचले इलाकों में राहत कर्मियों और आवश्यक उपकरणों को तैनात कर दिया गया है तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मछुआरों और तटीय इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इनपुट पीटीआई के साथ

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