ओडिशा के 'बंटी-बबली' गिरफ्तार, फर्जी इंजीनियर बनकर खनन कारोबारी से 60 लाख की ठगी
भुवनेश्वर में कमिश्नरेट पुलिस ने एक खनन कारोबारी से 60 लाख रुपये की ठगी के आरोप में एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है।
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पकड़े गए आरोपी। (जागरण)
HighLights
भुवनेश्वर में खनन कारोबारी से 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी।
फर्जी इंजीनियर बनकर महिला और पुरुष ने की ठगी।
आरोपी दिनेश रंजन दास और सस्मिता सामल गिरफ्तार किए गए।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। कमिश्नरेट पुलिस ने एक खनन कारोबारी से 60 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में शुक्रवार को एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया।
दोनों ने कथित तौर पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर खुद को इंजीनियर बताकर कारोबारी को अपने जाल में फंसाया था।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान 30 वर्षीय दिनेश रंजन दास और 30 वर्षीय सस्मिता सामल के रूप में हुई है।
दोनों सुंदरपदा स्थित एक अपार्टमेंट में रह रहे थे और वहीं से उन्हें गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता खनन व्यवसायी जितेंद्र नाथ पटनायक हैं।
पुलिस के अनुसार, सस्मिता की मुलाकात वर्ष 2024 में जितेंद्र नाथ पटनायक से हुई थी। उसने खुद को ‘प्रियंका प्रधान’ नाम से परिचित कराया और सिविल इंजीनियर होने का दावा किया।
इसी आधार पर उसने जितेंद्र के कार्यालय में नौकरी भी हासिल कर ली। जांच में सामने आया कि सस्मिता ने बाद में कारोबारी को बताया कि उसका सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसने उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की।
कई बार पैसा हुआ ट्रांसफर
उसकी बातों पर विश्वास करते हुए जितेंद्र ने डिजिटल माध्यम से कई बार धनराशि स्थानांतरित की। यह रकम सस्मिता के एक रिश्तेदार के खाते में भेजी गई, जो ‘प्रियंका प्रधान’ नाम का उपयोग कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, सस्मिता और दिनेश ने विभिन्न बहानों से कारोबारी से कुल 60 लाख रुपये हासिल कर लिए। आरोप है कि दोनों ने इस रकम का इस्तेमाल अपने निजी खर्चों और आलीशान जीवनशैली पर किया।
जब कारोबारी को ठगी का पता चला तो उन्होंने कैपिटल थाना में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि दिनेश रंजन दास पहले भी जाजपुर टाउन थाना में दर्ज एक आपराधिक मामले में संलिप्त रह चुका है।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
