जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर : नगर में आयोजित तीन दिवसीय ओडिशा विकास कॉन्क्लेव-2018 रविवार को संपन्न हुआ। इसमें ओडिशा के साथ-साथ नौ राज्यों के 2670 से अधिक प्रतिनिधियों ने 19 अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा कर राज्य के विकास का प्रारूप तैयार किया। इस प्रारूप को राज्य सरकार अनुध्यान करेगी, यह बात समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि समवाय मंत्री सूर्य नारायण पात्र ने कही है। मंत्री पात्र ने कहा कि सम्मेलन में विकास प्रक्रिया को गति देने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठन, सरकारी कर्मचारी, नीति निर्धारक, शिक्षाविद, चुने हुए पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न नागरिक मंच के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर जो विचार दिए हैं, वह स्वागत योग्य है। देश के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आíथक विकास के क्षेत्र में सरकार, सरकारी कर्मचारियों के साथ जनसाधारण एवं सामाजिक अनुष्ठानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। ओडिशा कौशल विकास के अध्यक्ष डॉ. सुब्रत बागची ने कहा कि स्थाई एवं निरंतर विकास की प्रक्रिया को बनाए रखने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में परिवर्तन की जरूरत है। निरंतर विकास में बदलाव लाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर काफी तकलीफ उठानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में कुछ नहीं है, कहने के बदले यहां सब कुछ है, कहना ठीक होगा। भारत सरकार के श्रम एवं संसदीय मंत्रालय के पूर्व सचिव डॉ. लक्ष्मीधर मिश्र ने कहा कि यह विकास सम्मेलन राज्य में विकास को गति देने का काम करेगा। इस सम्मेलन में राज्य के कुछ विश्व विद्यालय के प्रतिनिधि पहली बार भाग लिए थे। ऐसे में उनके लिए यह अनुभव निश्चित रूप से प्रेरणा का काम करेगा। इस सम्मेलन में राज्य के तमाम 30 जिलों के प्रतिनिधि के साथ अन्य 9 राज्यों के 65 संगठन के सदस्य शामिल हुए।

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