जासं, भुवनेश्वर : राज्य सरकार ने डिग्री कॉलेजों में बनाई गई गवर्निंग बॉडी (संचालन कमेटी) को भंग कर दिया है। शुक्रवार को उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी इस निर्देश को तत्काल प्रभाव से कार्यकारी करने के लिए कहा गया है। साथ ही अतिरिक्त जिलाधीश, जिला मुख्यालयों में मौजूद कॉलेजों के संचालन समिति अध्यक्ष के तौर पर काम करने को कहा गया है। इसी तरह जिला सदर महकमा से बाहर रहने वाले कॉलेजों में उपजिलाधीश संचालन कमेटी के अध्यक्ष का दायित्व निभाएंगे। हालाकि स्वयं शासित महाविद्यालय तथा अल्पसंख्यक संप्रदाय के द्वारा गठित कॉलेजों को इससे अलग रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही उच्च शिक्षा मंत्री अरुण साहू ने कहा था कि कॉलेज संचालन कमेटी में नेता या फिर स्थानीय विधायक नहीं रहेंगे। शिक्षक, अभिभावक तथा पूर्व छात्रों को संचालन कमेटी में सदस्य के तौर पर शामिल किया जाएगा। दो से तीन अभिभावक रहेंगे।

हालाकि विधायक को कॉलेज संचालन कमेटी से अलग किए जाने के प्रसंग पर शुक्रवार की सुबह ही राज्य सरकार के श्रम एवं ग्रामीण विकास मंत्री सुशात सिंह ने अलग विचार रखा था। उन्होंने कहा कि कॉलेज संचालन समिति में विधायक अध्यक्ष ना रहे लेकिन सदस्य के तौर पर रहना चाहिए। इससे कॉलेज का विकास होगा और कई समस्याओं का समाधान भी आसानी से हो जाएगा। उन्होंने इस संदर्भ में उच्च शिक्षा मंत्री के साथ चर्चा करने की भी बात कही थी। मंत्री सुशात सिंह का बयान आने के कुछ ही घटे बाद उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से सभी गैर सरकारी अनुदान प्राप्त डिग्री कॉलेज से संचालन कमेटी को भंग करने के लिए निर्देश जारी कर दिया है।

Posted By: Jagran

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